
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों को बढ़ावा देने के लिए संचालित योजनाएं किसानों की आय बढ़ाने में मददगार साबित हो रही हैं। इसी कड़ी में बस्तर जिले के ग्राम पंचायत सिवनी (हिरलाभाटा) निवासी प्रगतिशील किसान रयतु राम ने मछली बीज (स्पॉन) उत्पादन के जरिए आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश की है।

रयतु राम ने अपनी पांच एकड़ कृषि भूमि में से करीब एक एकड़ क्षेत्र में बने तालाब में इस वर्ष मछली बीज उत्पादन शुरू किया। उन्होंने लगभग 30 पैकेट स्पॉन डालकर उत्पादन किया और अब तक 60 किलोग्राम मछली बीज 500 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बेचकर 30 हजार रुपये की आय अर्जित की है। तालाब में अभी भी 40 से 50 किलोग्राम मछली बीज उपलब्ध है, जिसकी बिक्री से उन्हें 20 से 25 हजार रुपये अतिरिक्त आय मिलने की उम्मीद है।
शुरुआती दौर में रयतु राम को तालाब में तिलापिया जैसी अवांछित मछलियों की मौजूदगी, बोरवेल सुविधा के अभाव और तकनीकी जानकारी की कमी जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। लेकिन इस बार उन्होंने वैज्ञानिक तरीके से तालाब की सफाई की, समय पर दाना-पानी की व्यवस्था की और मत्स्यपालन विभाग के तकनीकी मार्गदर्शन का पालन किया। इसका परिणाम यह रहा कि उन्हें मछली बीज उत्पादन में उल्लेखनीय सफलता मिली।
इस सफलता से उत्साहित रयतु राम अब अपने खेत में एक नया तालाब तैयार कर मछली बीज उत्पादन का विस्तार करने की योजना बना रहे हैं। उनका कहना है कि यदि बाजार में मांग और विभागीय सहयोग मिलता रहा तो वे इस व्यवसाय को बड़े स्तर पर विकसित करेंगे। इससे न केवल उनकी आय बढ़ेगी, बल्कि आसपास के किसानों को भी गांव में ही गुणवत्तापूर्ण मछली बीज उपलब्ध हो सकेगा।
रयतु राम की सफलता से उनके गांव के अन्य किसान भी प्रेरित हुए हैं। मत्स्यपालन विभाग की स्पॉन संवर्धन योजना के तहत मनकी बघेल, दयमती बघेल और जग्गु मौर्य भी मछली बीज उत्पादन कर अतिरिक्त आय अर्जित कर रहे हैं। इससे क्षेत्र में मत्स्यपालन के प्रति किसानों की रुचि बढ़ी है और यह गतिविधि ग्रामीणों के लिए आय बढ़ाने का प्रभावी माध्यम बनती जा रही है।



