
रायपुर, 11 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक-संस्कृति और कृषि परंपरा से जुड़े प्रमुख पर्व हरेली तिहार के अवसर पर बुधवार, 12 अगस्त 2026 को प्रदेश में सार्वजनिक अवकाश रहेगा। राज्य सरकार के अवकाश आदेश के तहत सरकारी कार्यालय और शिक्षण संस्थान बंद रहेंगे। ऐसे में प्रदेशभर में लोगों के बीच हरेली पर्व को लेकर उत्साह का माहौल है।
स्कूल-कॉलेज और सरकारी दफ्तर रहेंगे बंद
हरेली तिहार के अवसर पर प्रदेश के सरकारी और निजी स्कूल-कॉलेजों में अवकाश रहेगा। इसके साथ ही शासकीय कार्यालय और विभिन्न सरकारी संस्थान भी बंद रहेंगे। बैंक एवं अन्य व्यावसायिक संस्थानों के संबंध में स्थानीय स्तर पर लागू नियमों और आदेशों के अनुसार स्थिति अलग हो सकती है।
खेती-किसानी से जुड़ा है हरेली का गहरा संबंध
हरेली छत्तीसगढ़ के प्रमुख पारंपरिक लोक-पर्वों में से एक है। इसे प्रदेश के कृषि जीवन और हरियाली का उत्सव माना जाता है। सावन के महीने में मनाया जाने वाला यह पर्व किसानों के लिए विशेष महत्व रखता है।
इस दिन किसान अपने खेती-किसानी के औजारों जैसे हल, कुदाल, गैंती और अन्य कृषि उपकरणों की पूजा करते हैं। मान्यता है कि कृषि उपकरणों के प्रति सम्मान व्यक्त कर किसान अच्छी फसल और समृद्धि की कामना करते हैं।
गेड़ी और पारंपरिक व्यंजनों का आकर्षण
हरेली पर्व की सबसे खास परंपराओं में गेड़ी चढ़ना शामिल है। गांवों में बच्चे और युवा गेड़ी पर चढ़कर उत्सव का आनंद लेते हैं। कई स्थानों पर गेड़ी प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाती हैं।
पर्व के अवसर पर घरों में पारंपरिक व्यंजन भी बनाए जाते हैं। गुड़ का चीला सहित छत्तीसगढ़ी पकवान हरेली की खुशियों को और खास बनाते हैं। ग्रामीण अंचलों में लोकगीत, पारंपरिक रीति-रिवाज और सामूहिक उत्सव का रंग देखने को मिलता है।
प्रकृति और संस्कृति के संरक्षण का संदेश
हरेली केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की कृषि संस्कृति, प्रकृति प्रेम और सामुदायिक एकता का प्रतीक है। खेतों में हरियाली, किसानों की मेहनत और लोक परंपराओं के बीच मनाया जाने वाला यह पर्व नई पीढ़ी को अपनी जड़ों और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का भी माध्यम है।
बुधवार को प्रदेशभर में अवकाश के साथ लोग पारंपरिक तरीके से हरेली तिहार मनाएंगे और सुख-समृद्धि तथा अच्छी फसल की कामना करेंगे।



