महादेव ऐप केस: सौरभ चंद्राकर ने मांगी सुरक्षित हिरासत, कहा- जांच एजेंसियों को दूंगा अहम जानकारी

रायपुर, 21 अगस्त 2026। महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले में कथित प्रमुख आरोपी सौरभ चंद्राकर के एक कथित बयान से जांच को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है। रिपोर्टों के मुताबिक, ओमान में हिरासत में मौजूद चंद्राकर ने भारत लाए जाने से पहले अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। उसने दावा किया है कि यदि उसे पर्याप्त सुरक्षा और निष्पक्ष माहौल मिलता है, तो वह भारतीय जांच एजेंसियों के सामने महादेव ऐप के कथित नेटवर्क से जुड़ी अहम जानकारियां साझा करने के लिए तैयार है।
भारत की जेल में जान का खतरा होने का दावा
सौरभ चंद्राकर ने कथित तौर पर ओमानी अधिकारियों के सामने आशंका जताई है कि भारत की जेल में उसकी जान को खतरा हो सकता है। उसने अपनी सुरक्षा के साथ-साथ परिवार की सुरक्षा की भी मांग की है। रिपोर्टों के अनुसार, वह चाहता है कि भारत लाए जाने के बाद उसे नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों से अलग और सुरक्षित रखा जाए।
चंद्राकर की ओर से किए गए इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए उसके आरोपों को फिलहाल उसके दावे के रूप में ही देखा जा रहा है।
सुरक्षा मिली तो राजनीतिक कनेक्शन बताने की पेशकश
रिपोर्टों के मुताबिक, चंद्राकर ने दावा किया है कि उसके पास महादेव ऐप के कथित नेटवर्क से जुड़े राजनीतिक संपर्कों, पैसों के लेन-देन और विदेशों में मौजूद संपत्तियों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी है। वह भारतीय जांच एजेंसियों और अदालत के सामने बयान दर्ज कराने की बात भी कह रहा है।
यदि उसके दावे ठोस दस्तावेजों या इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों से पुष्ट होते हैं, तो इससे महादेव ऐप मामले की जांच में नए तथ्य सामने आ सकते हैं। हालांकि, किसी भी व्यक्ति के खिलाफ लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
ओमान में हिरासत में है चंद्राकर
सौरभ चंद्राकर को ओमान में हिरासत में लिए जाने की जानकारी जुलाई 2026 में सामने आई थी। रिपोर्टों के अनुसार, उसे इंटरपोल रेड नोटिस के आधार पर ओमानी अधिकारियों ने हिरासत में लिया और भारत उसे वापस लाने की प्रक्रिया में जुटा है।
भारत में प्रवर्तन निदेशालय और अन्य जांच एजेंसियां महादेव ऐप से जुड़े कथित सट्टेबाजी और मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क की जांच कर रही हैं। जुलाई में सीबीआई की ओर से भी मामले में अतिरिक्त आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल किए जाने की जानकारी सामने आई थी।
हजारों करोड़ के कथित नेटवर्क की जांच
महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप मामले में जांच एजेंसियों ने बड़े पैमाने पर अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी और कथित मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप लगाए हैं। जांच के दौरान विदेशों में मौजूद संपत्तियों और कथित पैसों के नेटवर्क को लेकर भी कार्रवाई हुई है। रिपोर्टों के मुताबिक, ईडी ने दुबई में करीब 1,700 करोड़ रुपये की संपत्तियों को अटैच किया था।
अब चंद्राकर के बयान पर रहेगी नजर
सौरभ चंद्राकर के कथित प्रस्ताव के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि भारत आने की स्थिति में वह जांच एजेंसियों को वास्तव में क्या जानकारी देता है। यदि उसके दावों के समर्थन में दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड या अन्य ठोस साक्ष्य सामने आते हैं, तो महादेव ऐप मामले की जांच का दायरा और बढ़ सकता है।
फिलहाल, सुरक्षा की मांग या नेटवर्क से जुड़े राज खोलने का दावा अपने आप में किसी कानूनी राहत का आधार नहीं है। उसके बयानों की विश्वसनीयता और उसमें लगाए गए आरोपों का निर्धारण जांच एजेंसियों तथा अदालत के सामने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही होगा।



