छत्तीसगढ़

CG Assembly: पेपरलेस होगी छत्तीसगढ़ विधानसभा, NeVA प्रशिक्षण पूरा

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा को आधुनिक तकनीक से जोड़कर पूरी तरह डिजिटल और पेपरलेस बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। विधानसभा की कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी, सरल और व्यवस्थित बनाने के लिए राष्ट्रीय ई-विधान एप्लीकेशन (NeVA) के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर आयोजित दो दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न हो गया है।

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में विधानसभा के अधिकारियों और कर्मचारियों को डिजिटल विधायी प्रक्रियाओं के साथ-साथ एप्लीकेशन के विभिन्न तकनीकी मॉड्यूल का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। इस पहल से आने वाले समय में विधानसभा का कामकाज डिजिटल माध्यम से संचालित करने में मदद मिलेगी।

क्या है NeVA, कैसे बदलेगी विधानसभा की कार्यप्रणाली?

राष्ट्रीय ई-विधान एप्लीकेशन (NeVA) भारत सरकार के संसदीय कार्य मंत्रालय की महत्वाकांक्षी डिजिटल पहल है। इसका उद्देश्य देश की सभी विधानसभाओं की कार्यप्रणाली को सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी से जोड़कर डिजिटल और पेपरलेस बनाना है।

छत्तीसगढ़ विधानसभा में इसके प्रभावी उपयोग से विधायी दस्तावेजों का ऑनलाइन प्रबंधन किया जा सकेगा। साथ ही प्रश्नों और सूचनाओं को डिजिटल माध्यम से प्रस्तुत करने तथा सदन की कार्यवाही से संबंधित जानकारियों का तेजी से आदान-प्रदान करने में सुविधा मिलेगी।

अधिकारियों-कर्मचारियों को मिला तकनीकी प्रशिक्षण

दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विधानसभा के अधिकारियों और कर्मचारियों को NeVA एप्लीकेशन की तकनीकी एवं व्यावहारिक जानकारी देना था।

प्रशिक्षण के दौरान भारत सरकार के संसदीय कार्य मंत्रालय (MoPA) के NeVA समन्वयक अमन गौतम और श्रीधर स्वामी ने विभिन्न तकनीकी मॉड्यूल की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने प्रतिभागियों को एडमिन मॉड्यूल, प्रश्न मॉड्यूल और समिति मॉड्यूल के संचालन का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया।

अब ऑनलाइन होंगे प्रश्न और विधायी दस्तावेजों का प्रबंधन

प्रशिक्षण के दौरान विधानसभा के कामकाज को डिजिटल तरीके से संचालित करने से जुड़ी कई महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं की जानकारी दी गई। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:

  • विधानसभा के प्रश्नों और सूचनाओं को डिजिटल माध्यम से प्रस्तुत करना।
  • विधायी दस्तावेजों का ऑनलाइन प्रबंधन और सुरक्षित रख-रखाव।
  • सदन की कार्यवाही से संबंधित सूचनाओं का त्वरित आदान-प्रदान।
  • संसदीय एवं विधायी प्रक्रियाओं का एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म पर संचालन।
  • प्रशासनिक और विधायी कार्यों में सूचना प्रौद्योगिकी का बेहतर उपयोग।

विशेषज्ञों ने बताया कि इस एप्लीकेशन के उपयोग से विधायी प्रक्रियाएं अधिक सरल, तेज और प्रभावी बनेंगी।

चिप्स और NIC के अधिकारियों ने भी लिया हिस्सा

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ विधानसभा के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ छत्तीसगढ़ इन्फोटेक प्रमोशन सोसायटी (CHiPS) और राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) के संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई।

तकनीकी विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को NeVA के विभिन्न फीचर्स और उनके व्यावहारिक उपयोग की जानकारी दी, ताकि भविष्य में विधानसभा के डिजिटल कामकाज को सुचारू रूप से संचालित किया जा सके।

समय और कागज दोनों की होगी बचत

छत्तीसगढ़ विधानसभा में NeVA के प्रभावी क्रियान्वयन से विधायी दस्तावेजों के प्रबंधन और सूचनाओं के आदान-प्रदान में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है। डिजिटल व्यवस्था लागू होने से कागजी दस्तावेजों पर निर्भरता कम होगी और महत्वपूर्ण सूचनाओं तक पहुंच आसान बनेगी।

इससे न केवल विधानसभा की कार्यक्षमता और प्रशासनिक दक्षता बढ़ेगी, बल्कि समय और कागज जैसे बहुमूल्य संसाधनों की भी बचत होगी। छत्तीसगढ़ विधानसभा का यह कदम आधुनिक, पारदर्शी और तकनीक आधारित विधायी व्यवस्था की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

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