Mahadev App Case: रवि उप्पल दुबई में गिरफ्तार

रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले में जांच एजेंसियों को एक और बड़ी सफलता मिली है। महादेव सट्टा ऐप के सह-संस्थापक और करोड़ों रुपये के कथित अवैध सट्टेबाजी सिंडिकेट के प्रमुख आरोपी रवि उप्पल को दुबई में गिरफ्तार किए जाने की खबर है। भारतीय जांच एजेंसियां अब उसे भारत लाने की तैयारी में जुट गई हैं। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) प्रत्यर्पण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के प्रयास कर रहे हैं।
इस घटनाक्रम को महादेव सट्टा ऐप मामले में बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। खास बात यह है कि कुछ दिन पहले ही रवि उप्पल के सहयोगी और मामले के दूसरे प्रमुख प्रमोटर सौरभ चंद्राकर को ओमान से प्रत्यर्पित कर भारत लाया गया था।
इंटरपोल रेड नोटिस के आधार पर हुई गिरफ्तारी
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 46 वर्षीय रवि उप्पल को दुबई के अधिकारियों ने भारतीय जांच एजेंसियों के अनुरोध पर जारी इंटरपोल रेड नोटिस के आधार पर गिरफ्तार किया है। भारतीय अधिकारियों को उसकी गिरफ्तारी की जानकारी मिली है। हालांकि, UAE की ओर से भारत को अभी तक इस संबंध में औपचारिक सूचना नहीं दी गई है।
भारतीय एजेंसियां आधिकारिक माध्यमों से जानकारी जुटाने के साथ ही रवि उप्पल को जल्द से जल्द भारत लाने की कोशिश कर रही हैं। इसके लिए CBI और ED के बीच समन्वय किया जा रहा है।
सौरभ चंद्राकर के बाद रवि उप्पल पर शिकंजा
महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप के संचालन में रवि उप्पल और सौरभ चंद्राकर को प्रमुख प्रमोटर माना जाता है। दोनों छत्तीसगढ़ के भिलाई के रहने वाले हैं। जांच एजेंसियों के मुताबिक, दोनों ने दुबई से इस कथित सट्टेबाजी नेटवर्क का संचालन किया था।
बीते 1 नवंबर को CBI की टीम सौरभ चंद्राकर को ओमान से भारत लेकर आई थी। अब रवि उप्पल की गिरफ्तारी की खबर सामने आने के बाद इस मामले में जांच का दायरा और आगे बढ़ने की उम्मीद है।
कौन है रवि उप्पल?
रवि उप्पल महादेव ऑनलाइन बुक (MOB) का सह-संस्थापक और प्रमुख प्रमोटर है। प्रवर्तन निदेशालय की जांच के अनुसार, वह कथित तौर पर इस नेटवर्क के वित्तीय लेन-देन, हवाला के जरिए रकम पहुंचाने और सट्टेबाजी संचालकों के प्रबंधन से जुड़ा हुआ था।
जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि भारत आने के बाद उससे पूछताछ में सट्टा नेटवर्क के आर्थिक लेन-देन, हवाला कारोबार और कथित लाभार्थियों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां मिल सकती हैं।
पहले भी दुबई में हिरासत में लिया गया था
रवि उप्पल के खिलाफ अक्टूबर 2023 में इंटरपोल रेड नोटिस जारी किया गया था। इसके बाद दिसंबर 2023 में दुबई के अधिकारियों ने उसे हिरासत में लिया था, लेकिन करीब 45 दिन बाद उसे रिहा कर दिया गया था। इसके बाद उसकी लोकेशन को लेकर जांच एजेंसियां लगातार जानकारी जुटाती रहीं।
अब एक बार फिर दुबई में उसकी गिरफ्तारी की खबर सामने आने के बाद भारतीय एजेंसियां उसे प्रत्यर्पित कर भारत लाने की दिशा में काम कर रही हैं।
80 हजार करोड़ रुपये के कथित सट्टा कारोबार की जांच
महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले में जांच एजेंसियां बड़े पैमाने पर कथित अवैध सट्टेबाजी और मनी लॉन्ड्रिंग की जांच कर रही हैं। CBI के अनुसार, यह नेटवर्क हजारों पैनलों के माध्यम से संचालित होता था और वर्ष 2019-20 से इसका विस्तार हुआ।
जांच एजेंसियों ने आरोप लगाया है कि इस नेटवर्क के जरिए हजारों करोड़ रुपये का कथित अवैध कारोबार किया गया और रकम को विभिन्न बैंक खातों तथा हवाला नेटवर्क के माध्यम से इधर-उधर भेजा गया।
रवि उप्पल की गिरफ्तारी के बाद अब जांच एजेंसियों की नजर उसके प्रत्यर्पण पर है। यदि उसे भारत लाने में सफलता मिलती है, तो महादेव सट्टा ऐप मामले में कई अहम खुलासे होने की संभावना है।



