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Chhattisgarh | सुप्रीम कोर्ट से अरुणपति त्रिपाठी को बड़ी राहत !

Chhattisgarh | Arunpati Tripathi gets big relief from Supreme Court!

बिलासपुर, 15 मार्च। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में संलिप्तता के आरोप में जेल में बंद पूर्व आबकारी विशेष सचिव अरुणपति त्रिपाठी को सुप्रीम कोर्ट ने सशर्त जमानत दे दी है। कोर्ट ने कहा कि ईडी की जांच जारी है, इसलिए 10 अप्रैल 2025 को ही रिहाई होगी।

सुप्रीम कोर्ट का फैसला –

सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस अभय ओक और जस्टिस उज्ज्वल भुयान की डिवीजन बेंच ने इस मामले की सुनवाई की। ईडी और राज्य सरकार ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि रिहाई की स्थिति में जांच प्रभावित हो सकती है। राज्य सरकार ने यह आशंका भी जताई कि जेल से छूटने के बाद त्रिपाठी जांच में बाधा डाल सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि त्रिपाठी 11 महीने से जेल में हैं और मुकदमे के जल्द शुरू होने की संभावना नहीं है।

10 अप्रैल को होगी रिहाई, कड़ी शर्तों का पालन अनिवार्य

सुप्रीम कोर्ट ने सख्त शर्तों के साथ जमानत दी है :

पासपोर्ट सरेंडर करना होगा।

चार्जशीट दाखिल होने तक हर दिन सुबह 10 बजे जांच अधिकारी के सामने रिपोर्ट करना होगा।

10 अप्रैल को सत्र न्यायालय में पेश होना होगा।

12 अप्रैल 2024 को हुई थी गिरफ्तारी –

त्रिपाठी को एसीबी ने 12 अप्रैल 2024 को रायपुर में गिरफ्तार किया था। उनके खिलाफ IPC की धारा 420, 467, 468, 471, 120-B और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 और 12 के तहत मामला दर्ज किया गया था।

हाईकोर्ट से खारिज हो चुकी है जमानत याचिका –

बिलासपुर हाईकोर्ट ने 30 सितंबर 2024 को त्रिपाठी की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। उन पर शराब व्यापार में बड़े भ्रष्टाचार में शामिल होने का आरोप है।

शराब सिंडिकेट से जुड़े होने के आरोप –

ईडी के अनुसार, त्रिपाठी ने छत्तीसगढ़ राज्य विपणन निगम लिमिटेड (CSMCL) के प्रबंध निदेशक के रूप में अवैध कमीशन एकत्र करने, सरकारी दुकानों से अवैध शराब बिक्री कराने और अन्य भ्रष्ट गतिविधियों में संलिप्त रहने का आरोप है।

तीन अन्य आरोपियों को भी मिली जमानत –

अनुराग द्विवेदी: जांच पूरी होने के बाद 10 दिनों में सत्र न्यायालय में पेश किया जाएगा।

दिलीप पांडे: 8 महीने से हिरासत में हैं, उनकी भी रिहाई 10 अप्रैल को होगी।

दीपक दुआरी: 10 दिनों में सत्र न्यायालय में पेश होंगे, सख्त शर्तों के तहत जमानत दी जाएगी।

क्या है छत्तीसगढ़ का शराब घोटाला? –

छत्तीसगढ़ में 2019 से 2022 के बीच 2,100 करोड़ रुपये से अधिक की हेराफेरी का आरोप है। सरकार, नौकरशाह और व्यापारियों ने मिलकर अवैध शराब सिंडिकेट बनाया था, जिससे सरकारी दुकानों के जरिए अवैध शराब बेची जा रही थी।

अगला कदम –

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार, अरुणपति त्रिपाठी 10 अप्रैल को रिहा होंगे, लेकिन उन्हें सभी शर्तों का पालन करना होगा।

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