Chhattisgarh | इंद्रावती नदी पार कर पहुँची सेहत की नाव
Chhattisgarh | The boat of health reached after crossing the Indravati river
रायपुर, 22 सितंबर 2025। छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग के सबसे दुर्गम इलाकों तक स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाने की दिशा में सरकार ने एक और मिसाल पेश की है। नक्सल प्रभावित अबूझमाड़ से लगे ग्राम कोंडे में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने इंद्रावती नदी को नाव चलाकर पार किया और गाँव में स्वास्थ्य शिविर लगाया।
‘स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार’ अभियान के तहत विशेष पहल
इस शिविर में कुल 132 मरीजों की जांच की गई। इनमें मलेरिया, सर्दी-खांसी और त्वचा रोग से पीड़ित मरीज प्रमुख रहे।
10 गर्भवती महिलाओं की संपूर्ण स्वास्थ्य जांच, टीकाकरण और परामर्श हुआ।
मातृ स्वास्थ्य सेवाओं के अंतर्गत पोषण, एनीमिया से बचाव और सुरक्षित मातृत्व की जानकारी दी गई।
पिछले तीन दिनों में ही बीजापुर जिले में हजारों लोगों तक यह अभियान पहुँचा।
3,177 मरीजों में उच्च रक्तचाप की पहचान।
महिलाओं में 2,823 कैंसर स्क्रीनिंग (मुख, स्तन, सर्वाइकल)।
314 गर्भवती महिलाओं को जांच व परामर्श का लाभ।
1,200 टीबी स्क्रीनिंग और 800 सिकल सेल जांच पूरी की गई।
दुर्गम क्षेत्रों तक पहुँच बना मिशन
बरसात के मौसम में बस्तर के जंगल और उफनती इंद्रावती नदी स्वास्थ्य सेवाओं के लिए सबसे बड़ी चुनौती होती हैं। इसके बावजूद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के नेतृत्व में स्वास्थ्यकर्मी हर कठिनाई पार कर सेवाएँ दे रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया और आयुक्त-सह-संचालक डॉ. प्रियंका शुक्ला ने आश्वस्त किया कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच किसी भी सूरत में बाधित नहीं होगी।
सरकार का संदेश
यह प्रयास साबित करता है कि “स्वस्थ नारी ही सशक्त परिवार की आधारशिला है।” बस्तर संभाग के कठिन इलाकों में स्वास्थ्य शिविरों के जरिये हो रहा यह बदलाव सुशासन और समर्पण का प्रतीक है। यह केवल आँकड़े नहीं बल्कि उस वादे का प्रमाण हैं कि अब जंगल, नदी और पहाड़ भी स्वास्थ्य सेवाओं की राह नहीं रोक पाएंगे।



