Dharmendra Pradhan Resigns: NEET विवाद के बीच शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, PM मोदी को भेजी चिट्ठी

नई दिल्ली, 25 जुलाई 2026। देश में नीट परीक्षा विवाद (NEET-UG Controversy) को लेकर मचे घमासान के बीच एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने शनिवार दोपहर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर एक भावुक पोस्ट साझा करते हुए अपने इस्तीफे का आधिकारिक एलान किया और अपना त्यागपत्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेज दिया।जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और हजारों छात्रों द्वारा पिछले 36 दिनों से किए जा रहे लगातार विरोध प्रदर्शन और विपक्ष के भारी दबाव के बाद आखिरकार सरकार को झुकना पड़ा है।
‘युवाओं का भविष्य राजनीति में न उलझे’ – इस्तीफे की बड़ी वजहें
धर्मेंद्र प्रधान ने अपने इस्तीफे पत्र में साफ किया कि पिछले 10 दिनों के घटनाक्रम से उनका मन बेहद दुखी था। उन्होंने लिखा कि यह उनके व्यक्तिगत सम्मान का विषय नहीं, बल्कि देश के युवाओं और छात्रों के भविष्य का सवाल है।
धर्मेंद्र प्रधान द्वारा इस्तीफे में लिखी गई मुख्य बातें:
- राष्ट्र-विरोधी ताकतों से बचाव: जंतर-मंतर और देश में जो स्थिति बनी है, उसका राष्ट्र-विरोधी ताकतें गलत फायदा न उठा सकें, इसलिए यह निर्णय लिया गया है।
- छात्रों की पढ़ाई पर फोकस: वह नहीं चाहते कि देश के एक भी छात्र का भविष्य कानूनी पेचीदगियों और राजनीतिक टकराव में उलझे। बच्चे अपना पूरा ध्यान करियर बनाने पर लगाएं।
- चार दशक का समर्पण: उन्होंने कहा कि वे पिछले 40 से अधिक वर्षों से छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधारों के लिए समर्पित रहे हैं।
NTA के 47 अफसरों की बर्खास्तगी के बाद बड़ा एक्शन
आपको बता दें कि धर्मेंद्र प्रधान का यह इस्तीफा उस बड़ी कार्रवाई के ठीक अगले दिन आया है, जब शुक्रवार रात को केंद्र सरकार ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के 47 अधिकारियों को बर्खास्त कर दिया था। प्रदर्शनकारी छात्रों और विपक्षी नेताओं (जिनमें लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और अखिलेश यादव शामिल हैं) की सबसे प्रमुख मांग ही शिक्षा मंत्री का इस्तीफा थी।
CJP के आंदोलन का नेतृत्व कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के अनशन और विपक्ष के अल्टीमेटम के बाद, सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच होने वाली तीसरे दौर की बातचीत से ठीक पहले यह इस्तीफा हुआ है। विपक्ष ने इसे “युवाओं और छात्र शक्ति की बहुत बड़ी जीत” करार दिया है।



