छत्तीसगढ़ में बारिश का कहर: महानदी डेंजर जोन में, खारून खतरे के निशान से ऊपर

रायपुर। छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही बारिश ने कई जिलों में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। रायगढ़-सारंगढ़ के बीच बहने वाली महानदी का जलस्तर डेंजर जोन में पहुंच गया है, जबकि रायपुर में खारून नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। गरियाबंद में निर्माणाधीन पुल ढह गया है और बस्तर में सड़क संपर्क प्रभावित हुआ है। राहत एवं बचाव एजेंसियां लगातार प्रभावित इलाकों में तैनात हैं।
मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण छत्तीसगढ़ में अगले 24 घंटे तक कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। हालांकि 31 जुलाई के बाद प्रदेश में बारिश की तीव्रता धीरे-धीरे कम होने के आसार हैं।
रायगढ़ में महानदी का जलस्तर डेंजर जोन में
महानदी के बढ़ते जलस्तर से रायगढ़ जिले के पुसौर विकासखंड के सुरजगढ़, सिंघपुरी, चंघोरी, बाराडोली, परसापाली और खफरापाली सहित कई गांवों में जलभराव हो गया है। नदी का पानी रिहायशी क्षेत्रों तक पहुंचने से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है।
गरियाबंद में 9 करोड़ का निर्माणाधीन पुल ढहा
गरियाबंद जिले में उदंती नदी पर लगभग 9 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा निर्माणाधीन पुल तेज बारिश के बीच ढह गया। घटना के बाद निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
रायपुर में खारून नदी खतरे के निशान से ऊपर
राजधानी रायपुर में लगातार बारिश के कारण खारून नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से नदी के पास न जाने की सलाह दी है।
बस्तर में सड़क संपर्क बाधित
बस्तर संभाग में NH-130 की एक पुलिया क्षतिग्रस्त होने से कई गांवों का संपर्क टूट गया है। वहीं दंतेवाड़ा के अरनपुर-जगरगुंडा मार्ग पर भूस्खलन (लैंडस्लाइड) के खतरे को देखते हुए आवाजाही अस्थायी रूप से रोक दी गई है।
आरंग में SDRF ने 6 लोगों को सुरक्षित निकाला
रायपुर जिले के आरंग स्थित निसदा गांव में बाढ़ का पानी घरों में घुसने से एक परिवार के छह सदस्य फंस गए थे। SDRF की टीम ने मोटरबोट की सहायता से सभी लोगों का सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
सूरजपुर में नदी में बहे बच्चे का शव मिला
सूरजपुर जिले के चपदा गांव में ढेकी नदी में बह गए 10 वर्षीय बच्चे का शव दो दिन बाद बरामद किया गया। DDRF और पुलिस की संयुक्त टीम ने करीब 20-25 किलोमीटर दूर से शव को खोज निकाला।
चार दिन बाद दंपती के शव बरामद
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में 26 जुलाई को उफनते लाट नाले में बह गए उप सरपंच देवनारायण पटेल और उनकी पत्नी सविता पटेल के शव चार दिन बाद उनकी कार के अंदर से बरामद किए गए।
कांकेर में पहली बारिश में क्षतिग्रस्त हुई 15.5 करोड़ की नहर
कांकेर जिले में करीब 15.5 करोड़ रुपये की लागत से बनी नहर पहली ही बारिश में क्षतिग्रस्त हो गई। इस घटना ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्रदेश में अब तक 12% कम बारिश
1 जून से 29 जुलाई 2026 तक छत्तीसगढ़ में 477.8 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई, जबकि सामान्य वर्षा 544.6 मिमी होनी चाहिए थी। यानी प्रदेश में अब तक करीब 12 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड की गई है।
हालांकि जिलेवार आंकड़े अलग तस्वीर पेश करते हैं। सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 769.1 मिमी बारिश दर्ज हुई, जो सामान्य से 76 प्रतिशत अधिक है। वहीं प्रदेश के 11 जिलों में सामान्य से 20 से 59 प्रतिशत तक कम वर्षा हुई है।
आगे क्या कहता है मौसम विभाग?
मौसम विभाग के अनुसार हाल में सक्रिय डीप डिप्रेशन के प्रभाव से मध्य और दक्षिण छत्तीसगढ़ में व्यापक वर्षा हुई। इसके पश्चिम की ओर बढ़ने के साथ बारिश की तीव्रता कम होने की संभावना है। हालांकि दक्षिण छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में अगले 24 घंटे तक भारी बारिश का अलर्ट जारी रहेगा।



