विशेष लेख: सरगुजा में ग्रामीण विकास: डेयरी, मछली पालन और सड़क योजनाओं का लाभ

रायपुर, 16 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में जनकल्याणकारी योजनाएं ग्रामीण परिवारों के जीवन में बदलाव ला रही हैं। बेटियों के भविष्य को सुरक्षित करने से लेकर डेयरी व्यवसाय, मछली पालन, जल संरक्षण और सड़क संपर्क के विस्तार तक, विभिन्न योजनाओं के माध्यम से ग्रामीणों को आजीविका के नए अवसर मिल रहे हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित इन प्रयासों से ग्रामीण परिवार आर्थिक सशक्तीकरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
जिले में नोनी सुरक्षा योजना बेटियों के भविष्य के लिए आर्थिक संबल प्रदान कर रही है। वहीं, राज्य डेयरी उद्यमिता विकास योजना से पशुपालन को आय का नियमित साधन बनाने में मदद मिल रही है। ग्रामीण रोजगार योजना के तहत निर्मित आजीविका डबरियां सिंचाई और मछली पालन के अवसर बढ़ा रही हैं। इसके साथ ही प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत सड़क नवीनीकरण से ग्रामीणों की बाजार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच आसान हुई है।
नोनी सुरक्षा योजना से आंचल के भविष्य को मिला सहारा
अम्बिकापुर विकासखंड की ग्राम पंचायत कृष्णापुर निवासी मानती राजवाड़े की बेटी आंचल राजवाड़े को नोनी सुरक्षा योजना के अंतर्गत भारतीय जीवन बीमा निगम के माध्यम से एक लाख रुपये का बॉन्ड मिला है। योजना की निर्धारित शर्तों के अनुसार, आंचल के 18 वर्ष की आयु पूरी करने पर मिलने वाली राशि का उपयोग आगे की पढ़ाई और अन्य आवश्यकताओं के लिए किया जा सकेगा।
इस आर्थिक सहायता से परिवार को बेटी की शिक्षा और भविष्य की जरूरतों के लिए तैयारी करने में मदद मिलेगी। योजना का उद्देश्य बेटियों की आर्थिक सुरक्षा को बढ़ावा देना और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए परिवारों को संबल प्रदान करना है।
डेयरी व्यवसाय से प्रतिदिन 30 लीटर दूध बेच रहे मनोज पटेल
सरगुजा जिले के लमगांव निवासी मनोज कुमार पटेल ने राज्य डेयरी उद्यमिता विकास योजना का लाभ लेकर डेयरी व्यवसाय को अपनी आजीविका का मजबूत आधार बनाया है। वे प्रतिदिन लगभग 30 लीटर दूध बेचकर करीब 1,200 रुपये की आमदनी अर्जित कर रहे हैं।
मनोज के अनुसार, पशुओं के चारे और अन्य जरूरी खर्चों के बाद उन्हें हर महीने लगभग 15 हजार रुपये की बचत हो रही है। डेयरी व्यवसाय से नियमित आमदनी मिलने के कारण परिवार की आर्थिक जरूरतों को पूरा करने में मदद मिल रही है। खेती के साथ पशुपालन अपनाने से उनकी आय के स्रोत भी बढ़े हैं।
आजीविका डबरी से खेती और मछली पालन को बढ़ावा
सरगुजा के ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले फूना राम पहाड़ी कोरवा के लिए आजीविका डबरी आय के नए अवसर लेकर आई है। ग्रामीण रोजगार योजना के तहत उनकी खाली जमीन पर डबरी का निर्माण किया गया, जिससे वर्षा जल संग्रहण की सुविधा विकसित हुई। अब इस पानी का उपयोग मछली पालन जैसी आजीविका गतिविधि के लिए किया जा सकता है।
इसी तरह बाबूनाथ के खेत में डबरी का गहरीकरण किए जाने से जल संग्रहण क्षमता और सिंचाई सुविधा में सुधार हुआ है। इससे सब्जी उत्पादन में मदद मिली है और मछली पालन की संभावनाएं भी बढ़ी हैं।
जल संरक्षण के इन कार्यों से ग्रामीण परिवारों को खेती के साथ अतिरिक्त आय के विकल्प विकसित करने का अवसर मिल रहा है। वर्षा जल का बेहतर उपयोग कृषि उत्पादन बढ़ाने और स्थानीय संसाधनों के माध्यम से रोजगार सृजित करने में सहायक हो सकता है।
57.83 लाख रुपये की लागत से सड़क का नवीनीकरण
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत सरगुजा जिले में अम्बिकापुर-दरिमा-मैनपाट मार्ग से मानिक प्रकाशपुर तक 3.85 किलोमीटर लंबी सड़क का नवीनीकरण 57.83 लाख रुपये की लागत से पूरा किया गया है। इससे क्षेत्र के ग्रामीणों को आवागमन में सुविधा मिली है।
बेहतर सड़क संपर्क से किसानों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने, विद्यार्थियों को शिक्षण संस्थानों तक आने-जाने और ग्रामीणों को स्वास्थ्य सेवाओं सहित अन्य जरूरी सुविधाओं तक पहुंचने में मदद मिलती है। सड़क संपर्क मजबूत होने से गांवों के बीच आर्थिक और सामाजिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलता है।
योजनाओं से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिल रही मजबूती
सरगुजा में सामने आए ये उदाहरण बताते हैं कि जनकल्याणकारी योजनाएं ग्रामीण परिवारों को आर्थिक सुरक्षा और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। नोनी सुरक्षा योजना से बेटियों के भविष्य को संबल मिल रहा है, डेयरी व्यवसाय से नियमित आय के अवसर बढ़ रहे हैं और आजीविका डबरियों के माध्यम से जल संरक्षण के साथ खेती व मछली पालन को बढ़ावा मिल रहा है।
वहीं, ग्रामीण सड़कों का विकास बाजार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच आसान बना रहा है। शासन की योजनाओं और ग्रामीणों की मेहनत के समन्वय से स्थानीय संसाधनों का बेहतर उपयोग हो रहा है और आत्मनिर्भरता की संभावनाएं मजबूत बन रही हैं।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में ग्रामीण विकास, आर्थिक सशक्तीकरण और अधोसंरचना विस्तार पर केंद्रित प्रयासों का उद्देश्य योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। सरगुजा की ये कहानियां दर्शाती हैं कि आर्थिक सुरक्षा, नियमित आय, जल संरक्षण और बेहतर सड़क संपर्क जैसे प्रयास ग्रामीण जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में अहम हैं।



