US में नौकरी के लिए देनी पड़ सकती है भारी फीस

नई दिल्ली। अमेरिका में पढ़ाई के बाद नौकरी करने का सपना देखने वाले लाखों विदेशी छात्रों के लिए चिंता बढ़ाने वाली खबर सामने आई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी प्रशासन ग्रेजुएशन के बाद अमेरिका में काम करने के इच्छुक विदेशी छात्रों पर करीब 10 लाख रुपये (लगभग 1 लाख डॉलर के बराबर बताए जा रहे प्रस्तावित शुल्क) की विशेष फीस लगाने पर विचार कर रहा है। यदि यह प्रस्ताव लागू होता है तो अमेरिका में मौजूद 3.60 लाख से अधिक भारतीय छात्र सीधे प्रभावित हो सकते हैं।
हालांकि, इस प्रस्ताव पर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है और इसे लेकर आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।
भारतीय छात्रों पर पड़ेगा बड़ा असर
भारत अमेरिका में अंतरराष्ट्रीय छात्रों का सबसे बड़ा स्रोत है। हर साल हजारों भारतीय छात्र उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका जाते हैं और पढ़ाई पूरी होने के बाद वहीं नौकरी कर अपना एजुकेशन लोन चुकाने की कोशिश करते हैं। ऐसे में नई फीस लागू होने पर उनके लिए अमेरिका में करियर बनाना काफी महंगा और चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
कंवल सिब्बल बोले- अमेरिका खुद अपने दरवाजे बंद कर रहा
पूर्व भारतीय राजनयिक Kanwal Sibal ने इस प्रस्ताव पर चिंता जताई है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि अमेरिका चाहता है कि दूसरे देश उसकी अर्थव्यवस्था के लिए अपने बाजार खोलें, लेकिन वह खुद अपनी अर्थव्यवस्था को लगातार बंद करता जा रहा है।
https://x.com/KanwalSibal/status/2082936991059181780?ref_src=twsrc%5Etfw%7Ctwcamp%5Etweetembed%7Ctwterm%5E2082936991059181780%7Ctwgr%5E8d21ff6ac1839e8ed9c22a0b8deb251f2d3c60c9%7Ctwcon%5Es1_c10&ref_url=https%3A%2F%2Fnavbharattimes.indiatimes.com%2Findia%2Findia-as-over-reliance-in-any-field-with-the-us-is-undesirable-because-of-vagaries-of-us-policies-kanwal-sibal%2Farticleshow%2F132759260.cms
सिब्बल के अनुसार, यदि ऐसी नीतियां लागू होती हैं तो अमेरिकी विश्वविद्यालयों में पढ़ने जाने वाले भारतीय छात्रों की संख्या में और गिरावट आ सकती है।
शिक्षा और टेक सेक्टर पर पड़ सकता है असर
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि विदेशी छात्रों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला गया तो इसका असर सिर्फ छात्रों पर ही नहीं, बल्कि अमेरिकी विश्वविद्यालयों और टेक कंपनियों पर भी पड़ेगा। बड़ी संख्या में अंतरराष्ट्रीय छात्र अमेरिका की उच्च शिक्षा प्रणाली और तकनीकी उद्योग का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
अभी अंतिम फैसला नहीं
फिलहाल यह प्रस्ताव विचाराधीन है। अमेरिकी प्रशासन की ओर से अभी तक इसकी आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं की गई है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि प्रस्तावित शुल्क छात्रों को देना होगा या उन्हें नौकरी देने वाली कंपनियों को इसकी जिम्मेदारी उठानी होगी।
मुख्य बातें
- ग्रेजुएशन के बाद नौकरी करने वाले विदेशी छात्रों पर नई फीस लगाने की तैयारी।
- 3.60 लाख से अधिक भारतीय छात्र हो सकते हैं प्रभावित।
- एजुकेशन लोन लेकर पढ़ने वाले छात्रों पर बढ़ सकता है आर्थिक बोझ।
- पूर्व राजनयिक कंवल सिब्बल ने अमेरिका की संरक्षणवादी नीति पर उठाए सवाल।
- प्रस्ताव पर अभी अंतिम फैसला नहीं, आधिकारिक घोषणा का इंतजार।



