सोनम वांगचुक ने समाप्त किया 21 दिन का अनशन, मांगों को लेकर प्रदर्शन जारी

नई दिल्ली। सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षा सुधार के पक्षधर सोनम वांगचुक ने 21 दिनों तक चली अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर दी है। सरकार की ओर से उनकी मांगों पर चर्चा का आश्वासन मिलने के बाद उन्होंने अपना अनशन खत्म किया। हालांकि, दिल्ली के जंतर-मंतर पर आंदोलन अभी भी जारी है और ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के हजारों समर्थक अपनी मांगों को लेकर डटे हुए हैं।
आंदोलनकारियों की प्रमुख मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक मामलों की जवाबदेही तय करने और शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
सोमवार को संसद कूच के दौरान बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी दिल्ली की सड़कों पर उतरे। कई स्थानों पर पुलिस ने बैरिकेडिंग की और प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की। इसके बावजूद प्रदर्शनकारी अलग-अलग समूहों में आगे बढ़ते रहे।
रिपोर्टों के अनुसार, केंद्र सरकार की ओर से स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने आंदोलनकारियों की मांगों को सरकार के समक्ष उठाने का आश्वासन दिया है। इसी के बाद सोनम वांगचुक ने अपना अनशन समाप्त करने का फैसला लिया। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि मांगों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन आगे भी जारी रह सकता है।
इस बीच, जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों का जमावड़ा बना हुआ है। आंदोलन अब केवल परीक्षा प्रणाली तक सीमित नहीं रहकर युवाओं के रोजगार, पारदर्शिता और जवाबदेही जैसे व्यापक मुद्दों का प्रतीक बनता जा रहा है।



