GST: फर्जी फर्मों के जरिए 53 करोड़ की बिलिंग, मास्टरमाइंड गिरफ्तार

रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य GST विभाग ने फर्जी बिलिंग और बोगस इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए 53 करोड़ रुपये की बोगस बिलिंग के मास्टरमाइंड विजय कुमार यादव को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर 9.54 करोड़ रुपये के टैक्स फ्रॉड का आरोप है। न्यायालय में पेशी के बाद उसे 3 अगस्त 2026 तक न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
प्रारंभिक जांच में पता चला कि आरोपी ने मेसर्स माया स्टील एंड एंटरप्राइज और मेसर्स मायरा स्टील एंटरप्राइजेज के नाम से दो फर्जी फर्मों का संचालन कर करीब 53 करोड़ रुपये की बोगस बिलिंग की। इन फर्मों के जरिए 9.54 करोड़ रुपये का फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) विभिन्न फर्मों को ट्रांसफर किया गया।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने बंद और फर्जी फर्मों से प्राप्त फर्जी ITC का दावा कर उसका उपयोग अपनी टैक्स देनदारियों के भुगतान में किया।
जांच में सामने आईं बड़ी गड़बड़ियां
- 10 निरस्त GST पंजीयन वाली या आपस में संबंधित फर्मों के जरिए ITC-02 फॉर्म का दुरुपयोग कर 6.13 करोड़ रुपये का फर्जी ITC क्लेम और उपयोग किया गया।
- पंजाब समेत अन्य राज्यों की 9 फर्जी या अस्तित्वहीन फर्मों से बिना वास्तविक माल आपूर्ति के 1.99 करोड़ रुपये का फर्जी ITC लिया गया।
- GSTR-2B और GSTR-3B के बीच अंतर दिखाकर बिना वास्तविक खरीद के 1.41 करोड़ रुपये का अतिरिक्त ITC क्लेम किया गया।
GST विभाग के अनुसार आरोपी ने न केवल अन्य फर्मों को 9.54 करोड़ रुपये का फर्जी ITC उपलब्ध कराया, बल्कि स्वयं भी समान राशि के फर्जी ITC का लाभ उठाया। बिना किसी वास्तविक माल की खरीद-बिक्री के केवल कागजी बिलों के आधार पर लेन-देन दिखाकर सरकारी राजस्व को भारी नुकसान पहुंचाया गया।
विभाग ने संकेत दिए हैं कि मामले की जांच जारी है और इस फर्जी ITC नेटवर्क से जुड़े अन्य व्यक्तियों एवं फर्मों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।



