
रायपुर। राजधानी रायपुर के खम्हारडीह थाना के सामने कांग्रेस का करीब 18 घंटे तक चला अनिश्चितकालीन धरना शुक्रवार को समाप्त हो गया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने बताया कि पुलिस प्रशासन ने भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ एक सप्ताह के भीतर एफआईआर दर्ज करने का लिखित आश्वासन दिया है। साथ ही कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं पर दर्ज गैर-जमानती धाराओं की निष्पक्ष जांच का भरोसा भी दिया गया है। इसके बाद कांग्रेस ने फिलहाल अपना आंदोलन समाप्त करने का फैसला लिया।
धरने की वजह क्या थी?
भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच हुए विवाद के बाद पुलिस ने कांग्रेस के 12 नेताओं सहित कई कार्यकर्ताओं के खिलाफ गैर-जमानती धाराओं में मामला दर्ज किया था। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि पुलिस ने एकतरफा कार्रवाई की और भाजपा पक्ष पर कोई कार्रवाई नहीं की। इसी के विरोध में पार्टी ने खम्हारडीह थाने के बाहर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया था।
रातभर डटे रहे कांग्रेस नेता
धरने के दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज समेत कई वरिष्ठ नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता पूरी रात थाने के बाहर डटे रहे। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी, जिसके चलते इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई थी।
बैठक के बाद बना समाधान
शुक्रवार सुबह पुलिस अधिकारियों और कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल के बीच हुई बैठक में कई बिंदुओं पर चर्चा हुई। बैठक के बाद कांग्रेस ने बताया कि पुलिस ने लिखित रूप से आश्वासन दिया है कि भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ एक सप्ताह के भीतर कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की जाएगी और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होगी।
दीपक बैज ने क्या कहा?
बैठक के बाद दीपक बैज ने कहा कि कांग्रेस ने पुलिस के लिखित आश्वासन का सम्मान करते हुए धरना समाप्त किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि तय समय सीमा के भीतर भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई, तो कांग्रेस आगे की रणनीति तय कर दोबारा आंदोलन करेगी



