आधी रात PM मोदी का बड़ा डिजिटल दांव, ‘Friends’ कहकर युवाओं का जताया आभार

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर आधी रात इंस्टाग्राम पर वीडियो संदेश जारी कर देश के युवाओं (Gen Z) का धन्यवाद किया। “Thank You Friends…” से शुरू हुआ यह छोटा सा वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। यह संदेश उनके उस पहले सेल्फी वीडियो के बाद आया है, जिसमें उन्होंने NEET पेपर लीक विवाद पर पहली बार सीधे छात्रों से संवाद किया था।
Gen Z तक पहुंचने की नई रणनीति
इस बार प्रधानमंत्री का अंदाज पूरी तरह बदला हुआ नजर आया। वर्षों से जनसभाओं में “भाइयों और बहनों” या “मित्रों” कहकर संबोधन शुरू करने वाले पीएम मोदी ने इस वीडियो में “Thank You Friends” कहकर युवाओं से अनौपचारिक शैली में बात की। वीडियो को फ्रंट कैमरे (सेल्फी मोड) में रिकॉर्ड कर आधी रात इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया गया, जिसे डिजिटल आउटरीच की नई रणनीति माना जा रहा है।
विश्लेषकों का मानना है कि सरकार सोशल मीडिया, खासकर इंस्टाग्राम रील्स के जरिए Gen Z तक सीधे पहुंचने की कोशिश कर रही है, क्योंकि यह वर्ग पारंपरिक टीवी और समाचार माध्यमों की तुलना में डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अधिक सक्रिय है।
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पहले वीडियो को मिला रिकॉर्डतोड़ रिस्पॉन्स
NEET पेपर लीक पर जारी प्रधानमंत्री के पहले वीडियो को सोशल मीडिया पर जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस वीडियो को 30 करोड़ (300 मिलियन) से अधिक व्यूज मिले और इसके बाद 24 घंटे के भीतर प्रधानमंत्री के इंस्टाग्राम अकाउंट पर करीब 10 लाख नए फॉलोअर्स जुड़े। इसके साथ ही उनके कुल फॉलोअर्स की संख्या 10.2 करोड़ (102 मिलियन) से अधिक हो गई।
पेपर लीक पर दिया था बड़ा भरोसा
पहले वीडियो में प्रधानमंत्री मोदी ने छात्रों को भरोसा दिलाया था कि सरकार पेपर लीक के खिलाफ कठोर कानून लाने जा रही है। उन्होंने कहा था कि फास्ट ट्रैक कोर्ट की व्यवस्था की जाएगी और दोषियों को कड़ी सजा दिलाने के लिए कानूनी प्रावधान किए जाएंगे। उन्होंने यह भी बताया था कि कम समय में लाखों छात्रों की परीक्षाएं दोबारा आयोजित कर उनका शैक्षणिक वर्ष बचाने का प्रयास किया गया।
सियासत भी हुई तेज
प्रधानमंत्री के इस नए डिजिटल अंदाज को लेकर राजनीतिक बहस भी शुरू हो गई है। समर्थक इसे युवाओं से सीधे संवाद और आधुनिक संचार शैली का उदाहरण बता रहे हैं, जबकि विपक्ष और प्रदर्शनकारी छात्र इसे जनसंपर्क की रणनीति बताते हुए परीक्षा प्रणाली में ठोस और स्थायी सुधारों की मांग कर रहे हैं।



