कांकेर के वनांचल गांवों में बदली पेयजल की तस्वीर, सोलर पंप से घर-घर पहुंच रहा साफ पानी

कांकेर, 13 अगस्त 2026। कभी पेयजल के लिए लंबी दूरी तय करने और कुएं-हैंडपंप पर घंटों इंतजार करने को मजबूर ग्रामीणों के लिए अब राहत की स्थिति है। जल जीवन मिशन के तहत कांकेर जिले के अंदरूनी और वनांचल क्षेत्रों में सोलर पंपों के माध्यम से ग्रामीणों को स्वच्छ एवं शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे खासकर ग्रामीण महिलाओं को पानी के लिए होने वाली रोजमर्रा की जद्दोजहद से बड़ी राहत मिली है।
कांकेर जिले के कोयलीबेड़ा क्षेत्र के वनांचल ग्राम बिर्रेबेड़ा में जल जीवन मिशन के तहत छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (क्रेडा) द्वारा दो सोलर पेयजल पंप स्थापित किए गए हैं। सोलर ड्यूल पंप की सुविधा शुरू होने के बाद ग्रामीण परिवारों को अब पेयजल के लिए नदी, नाला, कुआं और हैंडपंप पर निर्भर नहीं रहना पड़ रहा है।
पानी के लिए दूरी और इंतजार से मिली राहत
सोलर पंप की स्थापना से पहले ग्रामीणों को पेयजल के लिए काफी दूर जाना पड़ता था। कुएं और हैंडपंप पर पानी भरने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता था। इस प्रक्रिया में समय और शारीरिक श्रम दोनों अधिक लगता था, जिससे ग्रामीणों के दूसरे दैनिक कार्य भी प्रभावित होते थे।
अब गांव में सोलर ड्यूल पंप से पेयजल की सुविधा मिलने से ग्रामीण परिवारों को आसानी से साफ और शुद्ध पानी उपलब्ध हो रहा है। इससे दैनिक जीवन में सुविधा बढ़ने के साथ-साथ पेयजल को लेकर होने वाली परेशानियां भी कम हुई हैं।
सौर ऊर्जा से संचालित है पेयजल व्यवस्था
क्रेडा के सहायक अभियंता के अनुसार, बिर्रेबेड़ा में स्थापित सोलर ड्यूल पंप ग्रामीणों के लिए उपयोगी साबित हो रहा है। सौर ऊर्जा से संचालित होने के कारण यह व्यवस्था पर्यावरण के अनुकूल है और ग्राम पंचायत को बिजली के बिल का अतिरिक्त भार भी नहीं उठाना पड़ता।
सौर ऊर्जा आधारित यह व्यवस्था दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की स्थायी उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
ग्रामीणों ने जताया आभार
बिर्रेबेड़ा के ग्रामीणों ने गांव में सौर ऊर्जा के माध्यम से लगातार पेयजल उपलब्ध कराने के लिए राज्य शासन और केंद्र सरकार के प्रति आभार जताया है। ग्रामीणों का कहना है कि पानी के लिए पहले होने वाली परेशानी अब काफी हद तक दूर हो गई है और गांव में पेयजल की सुविधा अधिक सुगम हो गई है।



