विश्व हाथी दिवस पर GPM में बड़ा संदेश, ‘गज संकेत’ ऐप से हाथियों की गतिविधियों पर रहेगी नजर

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, 13 अगस्त 2026। विश्व हाथी दिवस के अवसर पर गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के मरवाही वन परिक्षेत्र में हाथी संरक्षण, मानव-हाथी द्वंद्व की रोकथाम और सुरक्षित सह-अस्तित्व को लेकर विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में हाथियों के कारण जनहानि से प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए प्रशासन और वन विभाग ने उन्हें हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
विश्व हाथी दिवस हर वर्ष 12 अगस्त को हाथियों के संरक्षण, उनके प्राकृतिक आवास की सुरक्षा और मानव-हाथी संघर्ष को कम करने के लिए जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से मनाया जाता है।
प्रभावित परिवारों को सहयोग का भरोसा
कार्यक्रम में जिला प्रशासन और वन विभाग ने हाथी-मानव द्वंद्व से प्रभावित परिवारों को रोजगार एवं आजीविका के साधनों से जोड़ने तथा पात्र मामलों में शासन के प्रावधानों के अनुसार समय पर मुआवजा उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि मानव जीवन की सुरक्षा के साथ हाथियों के संरक्षण को भी प्राथमिकता दी जा रही है। छत्तीसगढ़ में मानव-हाथी संघर्ष को कम करने के लिए जागरूकता, सामुदायिक भागीदारी और तकनीक के इस्तेमाल पर लगातार जोर दिया जा रहा है।
हाथी और मानव दोनों की सुरक्षा प्राथमिकता
कलेक्टर श्री विजय दयाराम के. ने कहा कि हाथियों और लोगों की सुरक्षा प्रशासन एवं वन विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि मानव-हाथी द्वंद्व को कम करने के लिए सकारात्मक और व्यावहारिक विकल्प तलाशने के साथ प्रशासन, वन विभाग, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है।
उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि हाथियों की मौजूदगी या गतिविधियों की जानकारी तत्काल वन विभाग को दें। साथ ही हाथियों के करीब न जाएं और उन्हें किसी भी तरह परेशान करने से बचें।
‘गज संकेत’ ऐप का शुभारंभ
कार्यक्रम में ‘गज संकेत’ ऐप का शुभारंभ किया गया। वनमंडलाधिकारी श्री कुमार निशांत ने बताया कि संवेदनशील क्षेत्रों में हाथियों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी और गश्त की जा रही है।
ऐप के माध्यम से हाथियों की मौजूदगी और उनकी गतिविधियों से संबंधित जानकारी समय पर साझा करने में मदद मिलेगी। इससे संभावित संवेदनशील क्षेत्रों में लोगों को सतर्क करने और आवश्यक कार्रवाई करने में तेजी लाई जा सकेगी। छत्तीसगढ़ में मानव-हाथी संघर्ष को कम करने के लिए तकनीक आधारित हाथी ट्रैकिंग और अलर्ट सिस्टम का इस्तेमाल पहले से किया जा रहा है।
हाथी मित्र दल को टी-शर्ट और टॉर्च वितरित
हाथी-मानव द्वंद्व की रोकथाम में सक्रिय भूमिका निभाने वाले हाथी मित्र दल के सदस्यों को कार्यक्रम में सम्मानित किया गया। उन्हें टी-शर्ट और टॉर्च वितरित किए गए।
हाथी मित्र दल स्थानीय स्तर पर हाथियों की गतिविधियों की जानकारी देने, ग्रामीणों को सतर्क करने और मानव-हाथी संघर्ष की स्थिति में जागरूकता फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। समुदाय की भागीदारी को वन्यजीव संरक्षण और संघर्ष कम करने के प्रयासों में महत्वपूर्ण माना जाता है।
सुरक्षित सह-अस्तित्व पर जोर
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य हाथियों और ग्रामीणों के बीच सुरक्षित सह-अस्तित्व को बढ़ावा देना, जनहानि की घटनाओं को कम करना और प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराना रहा। अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील की कि वे हाथियों की गतिविधियों को लेकर सतर्क रहें और किसी भी जानकारी को स्वयं कार्रवाई करने के बजाय तत्काल वन विभाग तक पहुंचाएं।
कार्यक्रम में कलेक्टर श्री विजय दयाराम के., वनमंडलाधिकारी श्री कुमार निशांत, वन सभापति श्रीमती राधा रैदास, जनप्रतिनिधि, वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी तथा हाथी मित्र दल के सदस्य उपस्थित रहे।



