Governmentछत्तीसगढ़ताज़ा खबरेंप्रशासनिकमनोरंजनवायरल खबरें

महतारी वंदन बनी महिलाओं की ताकत, 30वीं किस्त से परिवारों को मिला आर्थिक सहारा

रायपुर। महतारी वंदन योजना की 30वीं किस्त ने छत्तीसगढ़ की महिलाओं के लिए आर्थिक सहारे के साथ आत्मनिर्भरता की नई राह भी खोली है। नियमित रूप से मिलने वाली सहायता राशि से महिलाएं जहां बच्चों की पढ़ाई, पोषण और घरेलू जरूरतें पूरी कर रही हैं, वहीं कई महिलाएं राशि की बचत कर छोटे व्यवसाय और स्वरोजगार को भी मजबूत कर रही हैं।

सूरजपुर जिले की तेज कुमारी, मंजू रजवाड़े, पुनिया प्रजापति, शहनाज बेगम, गणेश्वरी प्रजापति, मेनका रजवाड़े और लता केंवट ने बताया कि योजना की राशि से बच्चों की पढ़ाई, कॉपी-किताब, पौष्टिक भोजन और रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में मदद मिल रही है। रक्षाबंधन के अवसर पर भी यह राशि परिवार के लिए उपयोगी साबित हो रही है।

बचत से शुरू किया कारोबार

महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि का उपयोग कई महिलाएं स्वरोजगार के लिए भी कर रही हैं। मुंगेली विकासखंड के ग्राम घुठेरा की अनीता गंधर्व ने राशि बचाकर मुंगेली के पुराना बस स्टैंड क्षेत्र में मनिहारी और सिलाई की दुकान शुरू की। वे अब प्रतिदिन करीब 500 से 1,000 रुपये तक की आय अर्जित कर रही हैं।

जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम सरखों की शबीना बेगम ने अपनी चूड़ी दुकान में नया सामान जोड़कर कारोबार का विस्तार किया। इससे ग्राहकों की संख्या और आमदनी दोनों में बढ़ोतरी हुई है।

इसी तरह मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर की गायत्री श्रीवास्तव ने राशि बचाकर सेकेंड हैंड सिलाई-पिको मशीन खरीदी। अब वे सिलाई और पिको का काम कर अतिरिक्त आय अर्जित कर रही हैं। रायगढ़ की श्रीमती राशी कँवर ने भी योजना की किस्तों से सिलाई मशीन खरीदी, जो अब उनके लिए आजीविका का साधन बन गई है।

बच्चों के भविष्य के लिए भी बचत

कोरबा की शकुंतला कुर्रे महतारी वंदन की राशि से बच्चों की पढ़ाई और स्वास्थ्य संबंधी जरूरतें पूरी करने के साथ अपनी बेटी ध्रीयांशी के लिए सुकन्या समृद्धि योजना में बचत कर रही हैं। सक्ती की हेमंत बंजारे, मोहला की देवकी निषाद और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर की अनीता गुप्ता भी योजना की राशि से घरेलू जरूरतों और छोटे व्यवसाय को मजबूती दे रही हैं।

30 किस्तों से बढ़ा भरोसा

1 मार्च 2024 से शुरू हुई महतारी वंदन योजना की 30 किस्तों की निरंतरता ने महिलाओं को नियमित आर्थिक संबल दिया है। इसके चलते महिलाएं खर्च के साथ बचत और छोटे निवेश की योजना भी बना पा रही हैं। सिलाई, मनिहारी और चूड़ी व्यवसाय जैसे छोटे स्वरोजगार से जुड़कर कई महिलाएं परिवार की आय बढ़ाने में योगदान दे रही हैं।

योजना से महिलाओं की घरेलू निर्णयों में भागीदारी मजबूत होने के साथ बच्चों की शिक्षा, पोषण और स्वास्थ्य पर खर्च को भी बढ़ावा मिला है। रक्षाबंधन से पहले मिली 30वीं किस्त ने महिलाओं के लिए पर्व की खुशियों को भी बढ़ाया है। महिलाएं इस राशि से राखी और मिठाई खरीदने के साथ परिवार की जरूरतें पूरी कर रही हैं।

महतारी वंदन योजना महिलाओं के लिए सिर्फ आर्थिक सहायता का माध्यम नहीं, बल्कि सम्मान, स्वाभिमान और आत्मनिर्भरता की दिशा में बढ़ता कदम बन रही है। राज्य सरकार के अनुसार, महिलाओं के खातों में नियमित सहायता पहुंचने से परिवारों में आर्थिक स्थिरता और आत्मविश्वास मजबूत हो रहा है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button