राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस पर रायपुर में विज्ञान और नवाचार का संगम, विद्यार्थियों ने बढ़ाया उत्साह

रायपुर, 23 अगस्त 2026। राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस 2026 के अवसर पर छत्तीसगढ़ रीजनल साइंस सेंटर, रायपुर में विद्यार्थियों और युवाओं में अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति जिज्ञासा, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और रचनात्मकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विविध कार्यक्रम आयोजित किए गए। प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम में 150 से अधिक विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
वैज्ञानिकों ने साझा किए अंतरिक्ष विज्ञान के अनुभव
कार्यक्रम में इसरो के नेशनल रिमोट सेंसिंग सेंटर तथा रीजनल साइंस सेंटर नागपुर के वैज्ञानिक मिमलिंद चाडोकर, छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के वैज्ञानिक-ई एम.के. बेग और छत्तीसगढ़ रीजनल साइंस सेंटर एवं छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के महानिदेशक प्रशांत कविश्वर उपस्थित रहे। विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों के साथ अंतरिक्ष विज्ञान से जुड़े अनुभव साझा किए और उन्हें वैज्ञानिक सोच विकसित करने के लिए प्रेरित किया।

प्रशांत कविश्वर ने भारत के चंद्रयान मिशन सहित अंतरिक्ष क्षेत्र की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए विद्यार्थियों से जिज्ञासु बने रहने और विज्ञान एवं नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ने का आह्वान किया।
भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम की विकास यात्रा पर व्याख्यान
वैज्ञानिक चाडोकर ने ‘इंडियाज स्पेस प्रोग्राम: पास्ट, प्रेजेंट, फ्यूचर’ विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम की विकास यात्रा, प्रमुख उपलब्धियों और भविष्य की संभावनाओं की जानकारी दी। विद्यार्थियों को अंतरिक्ष विज्ञान एवं अनुसंधान के क्षेत्र में करियर और नवाचार की संभावनाओं से भी परिचित कराया गया।
वहीं, छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के वैज्ञानिक-ई एम.के. बेग ने ‘एप्लीकेशन ऑफ सैटेलाइट टेक्नोलॉजी फॉर द डेवलपमेंट ऑफ छत्तीसगढ़’ विषय पर जानकारी दी। उन्होंने कृषि, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, पर्यावरण और विकास कार्यों में उपग्रह तकनीक की उपयोगिता पर प्रकाश डाला।

‘थुम्बा से चंद्रमा और उससे आगे’ पर पोस्टर प्रतियोगिता
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण ‘इंडियाज स्पेस जर्नी: थुम्बा से चंद्रमा और उससे आगे’ विषय पर पोस्टर प्रदर्शनी एवं प्रस्तुतीकरण प्रतियोगिता रही। विद्यार्थियों ने भारत की अंतरिक्ष यात्रा, भविष्य के अंतरिक्ष मिशनों और सतत विकास में अंतरिक्ष विज्ञान की भूमिका को पोस्टरों के माध्यम से रचनात्मक ढंग से प्रस्तुत किया।
निर्णायक मंडल में छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के डॉ. त्रिभुवन सिंह, अमित कुमार मेश्राम और डॉ. अमित राम शामिल रहे। पोस्टरों का मूल्यांकन वैज्ञानिक दृष्टिकोण, विषय-वस्तु, रचनात्मकता और प्रभावी प्रस्तुतीकरण के आधार पर किया गया।

नेहा कोसले ने हासिल किया प्रथम स्थान
प्रतियोगिता में बी.पी. पुजारी शासकीय अंग्रेजी माध्यम विद्यालय की नेहा कोसले ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। सावित्री बाई फुले एजुकेशनल एकेडमी की स्नेहा पांडेय द्वितीय और पं. गिरिजा शंकर मिश्रा स्कूल की सविता चक्रधारी तृतीय स्थान पर रहीं।
इसके अलावा लीना साहू, डेविड चालक और यशिका वर्मा को भी उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया। विजेता विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र एवं पुरस्कार प्रदान किए गए।
कार्यक्रम में 150 से अधिक विद्यार्थियों की भागीदारी ने अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति युवाओं की बढ़ती रुचि को प्रदर्शित किया। पोस्टर प्रदर्शनी और विशेषज्ञों के व्याख्यान के माध्यम से विद्यार्थियों को भारत की अंतरिक्ष यात्रा के साथ-साथ अंतरिक्ष तकनीक के सामाजिक, वैज्ञानिक और विकासात्मक महत्व को समझने का अवसर मिला।



