
रायपुर, 17 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संवेदनशील प्रशासन, पारदर्शिता और जनभागीदारी के जरिए सुशासन को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना और नागरिकों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मूलमंत्र के अनुरूप राज्य सरकार प्रशासनिक सेवाओं को सरल, सुलभ और जवाबदेह बनाने की दिशा में काम कर रही है। जनसमस्या निवारण शिविरों, डिजिटल सेवाओं और शिकायत निवारण प्रणालियों के माध्यम से शासन और आम जनता के बीच संवाद बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।
डिजिटल सेवाओं से आसान होगी सरकारी कामकाज की प्रक्रिया
राज्य में सेवा सेतु पोर्टल और डिजिटल सेवा केंद्रों के माध्यम से विभिन्न विभागों की सेवाओं तक नागरिकों की पहुंच आसान बनाने पर जोर दिया जा रहा है। डिजिटल व्यवस्था का उद्देश्य आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाना, प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ाना और अनावश्यक देरी को कम करना है। इससे ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को भी सरकारी सेवाओं का लाभ लेने में सुविधा मिल सकती है।
महिलाओं, किसानों और गरीब परिवारों पर फोकस
सरकार की प्राथमिकताओं में महिलाओं, किसानों, युवाओं, श्रमिकों और जनजातीय समुदायों का कल्याण शामिल है। महतारी वंदन योजना के माध्यम से पात्र महिलाओं को आर्थिक सहायता दी जा रही है। वहीं, प्रधानमंत्री आवास योजना के जरिए जरूरतमंद परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है। स्वास्थ्य सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा, ग्रामीण विकास और आजीविका से जुड़ी योजनाओं के माध्यम से भी लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाने का प्रयास किया जा रहा है।
सीएम हेल्पलाइन 1076 से शिकायतों के समाधान पर जोर
सुशासन का महत्वपूर्ण आधार नागरिकों की शिकायतों का प्रभावी निराकरण है। छत्तीसगढ़ में सीएम हेल्पलाइन 1076 के माध्यम से नागरिक अपनी समस्याएं शासन-प्रशासन तक पहुंचा सकते हैं। वहीं, नगरीय क्षेत्रों में निदान-1100 के जरिए साफ-सफाई, पेयजल, स्ट्रीट लाइट और अन्य नागरिक सुविधाओं से संबंधित शिकायतें दर्ज कराने की व्यवस्था है।
इन माध्यमों का उद्देश्य शिकायतों के निराकरण में जवाबदेही बढ़ाना और नागरिकों को उनकी शिकायतों की स्थिति की जानकारी उपलब्ध कराना है।
गांव से शहर तक विकास पर जोर
छत्तीसगढ़ में ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाना समावेशी विकास के लिए महत्वपूर्ण है। शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क और बिजली जैसी सुविधाओं का विस्तार विशेष रूप से बस्तर और सरगुजा जैसे क्षेत्रों के विकास में अहम भूमिका निभा सकता है। सरकार का जोर विकास योजनाओं को समाज के सभी वर्गों तक पहुंचाने पर है, ताकि दूरस्थ गांवों में रहने वाले लोगों को भी बेहतर सुविधाएं और अवसर मिल सकें।
सेवा संकल्प अभियान से जनभागीदारी का संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर छत्तीसगढ़ में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक सेवा संकल्प अभियान आयोजित किया गया। इस अभियान के माध्यम से जनसेवा, सामाजिक सहभागिता और सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देने का प्रयास किया गया। सेवा सेतु, सेवा की कहानी, सेवा मेरा योगदान और सुशासन सेवा संवाद जैसी पहलों के जरिए नागरिकों को जनकल्याण और सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ने का संदेश दिया गया।
जनता का विश्वास ही सुशासन की असली कसौटी
सुशासन का वास्तविक मूल्यांकन योजनाओं की घोषणा से नहीं, बल्कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन और आम नागरिकों को मिलने वाले लाभ से होता है। शिकायतों का समयबद्ध समाधान, पारदर्शी प्रशासन और सरकारी सेवाओं की सुलभता जनता के विश्वास को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार का जोर ऐसी प्रशासनिक व्यवस्था विकसित करने पर है, जिसमें गरीबों को सम्मान, किसानों को सहयोग, महिलाओं को सशक्तिकरण, युवाओं को अवसर और प्रत्येक नागरिक को सरल शासकीय सेवाएं मिल सकें। जनभागीदारी और जवाबदेह प्रशासन के माध्यम से विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।



