
रायपुर, 17 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बस्तर में शांति और सुरक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान देने वाले 50 अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। रायपुर में आयोजित ‘शौर्यांजलि : बस्तर के नायकों को समर्पित’ कार्यक्रम में उन्होंने शहीद जवानों के परिजनों का सम्मान किया और कहा कि उनके त्याग और अदम्य साहस से बस्तर में शांति, विश्वास और विकास की नई राह खुली है।
द हिन्दू फाउंडेशन, नागपुर की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीद जवानों का बलिदान हमेशा स्मरणीय रहेगा। उन्होंने कहा कि जवानों ने केवल नक्सलवाद के खिलाफ संघर्ष नहीं किया, बल्कि बस्तर की आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की नींव भी रखी है।
शहीद परिवारों के साथ खड़ी है सरकार
मुख्यमंत्री साय ने शहीद परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि किसी अपने को खोने की पीड़ा की भरपाई नहीं की जा सकती। शहीद जवानों के परिवार पूरे प्रदेश और देश का गौरव हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार शहीद परिवारों के सम्मान, सुरक्षा और कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है तथा हर सुख-दुख में उनके साथ खड़ी रहेगी।

नक्सलवाद के खिलाफ अभियान को मिली निर्णायक सफलता
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में केंद्र और राज्य सरकार ने नक्सलवाद के उन्मूलन के लिए समन्वित प्रयास किए। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और घने जंगलों के बीच सुरक्षा बलों ने अदम्य साहस का परिचय दिया। उनके अनुसार, जवानों के पराक्रम और समर्पण से नक्सलवाद के खिलाफ अभियान को निर्णायक सफलता मिली।
उन्होंने छत्तीसगढ़ पुलिस, जिला रिजर्व गार्ड (DRG), बस्तर फाइटर्स और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) सहित अभियान में शामिल सभी सुरक्षा बलों के योगदान को नमन किया।
बस्तर में विकास और रोजगार के नए अवसर
मुख्यमंत्री ने कहा कि चार दशकों तक नक्सली हिंसा का दंश झेलने वाले बस्तर में अब शांति और विकास की नई संभावनाएं उभर रही हैं। प्रभावित क्षेत्रों में सड़क, बिजली, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। ‘नियद नेल्लानार’ योजना के माध्यम से दूरस्थ गांवों तक सरकारी योजनाओं और बुनियादी सुविधाओं को पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि बस्तर ओलंपिक के माध्यम से स्थानीय खेल प्रतिभाओं को अवसर मिल रहे हैं, जबकि बस्तर पंडुम के जरिए जनजातीय कला, संस्कृति और परंपराओं को नई पहचान मिल रही है। सरकार का लक्ष्य है कि बस्तर का कोई भी गांव या परिवार विकास की मुख्यधारा से वंचित न रहे।
शहीदों के सपनों का बस्तर बनाना ही सच्ची श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शहीद जवानों ने आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए अपने प्राण न्योछावर किए। अब सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है कि बस्तर को शांतिपूर्ण, सुरक्षित, समृद्ध और विकसित क्षेत्र बनाया जाए।
उन्होंने द हिन्दू फाउंडेशन की पहल की सराहना करते हुए कहा कि शहीद परिवारों के सम्मान और उनके बलिदान को याद रखने के ऐसे प्रयास समाज को प्रेरणा देते हैं। कार्यक्रम में फाउंडेशन के संयोजक संदीप गुप्ता, शहीद वीर नारायण सिंह के वंशज राजेंद्र सिंह दीवान, शहीद परिवारों के सदस्य, जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।



