Dhamtari News: स्वामित्व योजना में धमतरी जिला प्रदेश में अव्वल, 50 हजार से अधिक परिवारों को मिले अधिकार अभिलेख

धमतरी, 19 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में केंद्र सरकार की स्वामित्व योजना का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। ग्रामीण परिवारों को उनकी आबादी भूमि पर मालिकाना हक का दस्तावेज उपलब्ध कराने के मामले में जिला प्रदेश में अग्रणी है। अब तक 50 हजार से अधिक ग्रामीण परिवारों को अधिकार अभिलेख वितरित किए जा चुके हैं। वहीं, जिले के 501 राजस्व ग्रामों में ड्रोन सर्वेक्षण की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है।
जिले में योजना के तहत पात्र परिवारों को वितरित किए जाने वाले अधिकार अभिलेखों का लक्ष्य 78,416 निर्धारित है। इसके विरुद्ध अब तक 63,826 अधिकार अभिलेख तैयार किए जा चुके हैं। इनमें से लगभग 47 हजार से अधिक अभिलेख हितग्राहियों को वितरित किए गए हैं। शेष गांवों में आवश्यक प्रक्रिया नवंबर 2026 तक पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है।

501 गांवों में ड्रोन सर्वे पूरा
स्वामित्व योजना के अंतर्गत सर्वे ऑफ इंडिया (SOI) द्वारा जिले के 501 राजस्व ग्रामों में ड्रोन सर्वेक्षण कराया गया है। इसके माध्यम से ग्रामीण आबादी भूमि का सटीक मानचित्र तैयार कर मकानों, भूखंडों और संपत्तियों की पहचान की जा रही है। प्राप्त मानचित्रों के आधार पर पात्र परिवारों के अधिकार अभिलेख तैयार किए जा रहे हैं।
दावे-आपत्तियों के निराकरण के बाद मिल रहे दस्तावेज
योजना के तहत सबसे पहले राजस्व विभाग के मैदानी अमले द्वारा आबादी भूमि की सीमाओं का निर्धारण किया जाता है। इसके बाद मकानों, भूखंडों और शासकीय संपत्तियों का भौतिक सत्यापन किया जाता है। सर्वे ऑफ इंडिया से प्राप्त मानचित्रों का स्थल पर मिलान कर प्रारंभिक अभिलेख तैयार किए जाते हैं।
इसके बाद ग्राम पंचायतों में अभिलेखों का प्रथम प्रकाशन किया जाता है। प्राप्त दावे और आपत्तियों का नियमानुसार निराकरण करने के बाद अंतिम प्रकाशन, पोर्टल पर अभिलेख अपलोड करने और पात्र हितग्राहियों को प्रमाण पत्र वितरित करने की प्रक्रिया पूरी की जाती है।
जिले के सभी 501 गांवों में प्रथम प्रकाशन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, जबकि 390 से अधिक गांवों में अंतिम प्रकाशन भी किया जा चुका है।
ग्रामीण परिवारों को क्या होगा फायदा?
स्वामित्व योजना से ग्रामीण परिवारों को अपनी आबादी भूमि पर स्वामित्व का दस्तावेजी प्रमाण मिलता है। इससे संपत्ति संबंधी अधिकारों में स्पष्टता आती है और जमीन-मकान से जुड़े विवादों की आशंका कम करने में मदद मिलती है। पात्रता और संबंधित नियमों के अधीन ये अभिलेख बैंकिंग एवं वित्तीय सेवाओं तथा संपत्ति संबंधी लेन-देन में भी उपयोगी हो सकते हैं।
इसी माह सेवा संकल्प अभियान के तहत अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री तथा जिले के प्रभारी मंत्री टंकराम वर्मा ने 40 हितग्राहियों को स्वामित्व प्रमाण पत्र प्रदान किए।
समय-सीमा में काम पूरा करने के निर्देश
कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने कहा कि स्वामित्व योजना ग्रामीण परिवारों को उनकी संपत्ति का विधिवत अभिलेख उपलब्ध कराने और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने अधिकारियों को अभिलेखों की शुद्धता, पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित करते हुए शेष प्रक्रिया नवंबर 2026 तक पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
स्वामित्व योजना के माध्यम से धमतरी जिले में ड्रोन तकनीक, भौतिक सत्यापन और डिजिटल अभिलेख प्रबंधन के जरिए ग्रामीण संपत्तियों का व्यवस्थित रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है। इससे ग्रामीण परिवारों को उनके संपत्ति अधिकारों का दस्तावेजी आधार उपलब्ध कराने में मदद मिल रही है।



