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अथ उद्यम योजना: ग्रामीण महिलाओं को मिलेगा बिजनेस बढ़ाने का मौका, 31 अक्टूबर तक करें आवेदन

रायपुर, 23 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ की ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उनके छोटे व्यवसायों को सफल उद्यम में बदलने के लिए राज्य सरकार ने ‘अथ उद्यम’ कार्यक्रम शुरू किया है। छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ और आईआईएम रायपुर के फाउंडेशन फॉर एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट (FED) की संयुक्त पहल के तहत महिला उद्यमियों को व्यवसाय संबंधी प्रशिक्षण, विशेषज्ञों का मार्गदर्शन और बाजार से जुड़ने के अवसर मिलेंगे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व और उप मुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा के मार्गदर्शन में संचालित इस पहल के प्रति महिलाओं में उत्साह देखा जा रहा है। कार्यक्रम के लिए अब तक पूरे छत्तीसगढ़ से 1,000 से अधिक आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। इच्छुक पात्र महिलाएं 31 अक्टूबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं।

64 घंटे का प्रशिक्षण और एक साल तक विशेषज्ञों की मदद

‘अथ उद्यम’ कार्यक्रम का उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के मौजूदा छोटे व्यवसायों को व्यवस्थित, लाभकारी और विस्तार योग्य उद्यमों में विकसित करना है। इसके तहत चयनित महिला उद्यमियों को 64 घंटे का चरणबद्ध व्यवसाय विकास प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही एक वर्ष तक विशेषज्ञों से परामर्श, व्यक्तिगत मार्गदर्शन और क्षेत्रीय स्तर पर सहयोग मिलेगा।

प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को उत्पादों की गुणवत्ता सुधारने, लागत और मुनाफे की गणना करने, बिक्री एवं खर्च का रिकॉर्ड रखने तथा उत्पादन और वितरण की बेहतर योजना बनाने की जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा बाजार की मांग को समझने, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और वित्तीय प्रबंधन जैसे विषयों पर भी प्रशिक्षण मिलेगा।

कार्यक्रम के माध्यम से महिला उद्यमियों को अपने व्यवसाय के लिए बाजार और ब्रांड से जुड़ने के साथ ऋण एवं वित्तीय संस्थानों तक पहुंच बनाने में भी सहयोग दिया जाएगा।

इन व्यवसायों से जुड़ी महिलाओं को मिलेगा लाभ

‘अथ उद्यम’ कार्यक्रम के तहत खाद्य प्रसंस्करण, सिलाई एवं वस्त्र निर्माण, हस्तशिल्प, हथकरघा, वनोपज का मूल्य संवर्धन, स्थानीय उत्पाद निर्माण, पैकेजिंग और गैर-कृषि सेवा आधारित व्यवसायों से जुड़ी महिलाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।

इस पहल से महिलाएं अपने उत्पादों की बेहतर पहचान बना सकेंगी और स्थानीय बाजारों से आगे नए ग्राहकों तक पहुंचने के लिए जरूरी व्यावसायिक कौशल विकसित कर सकेंगी।

कार्यक्रम में विशेष रूप से उन महिलाओं को अवसर दिया जाएगा, जो पहले से गैर-कृषि व्यवसाय संचालित कर रही हैं और उसका विस्तार करना चाहती हैं। स्वयं सहायता समूहों की सदस्य या उनसे जुड़े परिवारों की महिला उद्यमी आवेदन कर सकती हैं। हालांकि, केवल सामान की खरीद-बिक्री यानी सामान्य ट्रेडिंग करने वाले व्यवसाय इस कार्यक्रम के लिए पात्र नहीं होंगे।

पहले चरण में 250 महिलाओं का होगा चयन

कार्यक्रम के शुरुआती चरण में पात्रता और आवेदन के मूल्यांकन के आधार पर 250 महिला उद्यमियों का चयन किया जाएगा। चयनित महिलाओं को प्रशिक्षण और व्यवसाय विस्तार के लिए आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा।

ग्रामीण महिला उद्यमियों तक योजना की जानकारी पहुंचाने के लिए आईआईएम रायपुर ने 252 क्लस्टर लेवल फेडरेशन (CLF) सदस्यों को प्रशिक्षित किया है। ये सदस्य अपने क्षेत्रों में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को योजना की जानकारी देने और आवेदन के लिए प्रोत्साहित करने में सहयोग कर रहे हैं।

इसके अलावा जिला और विकासखंड स्तर के परियोजना प्रबंधकों का प्रशिक्षण भी आईआईएम रायपुर के प्रबंधन विकास केंद्र में पूरा किया गया है, ताकि पात्र महिलाओं की पहचान और आवेदन प्रक्रिया में सहायता मिल सके।

अथ उद्यम योजना में आवेदन कैसे करें?

इच्छुक पात्र महिला उद्यमी आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं।

आवेदन की महत्वपूर्ण जानकारी:

  • योजना का नाम: अथ उद्यम
  • अंतिम तिथि: 31 अक्टूबर 2026
  • पहले चरण में चयन: 250 महिला उद्यमी
  • प्रशिक्षण: 64 घंटे
  • विशेषज्ञ मार्गदर्शन: एक वर्ष तक
  • आवेदन पोर्टल: https://atha.iimraipur.edu.in/

ऑनलाइन आवेदन के अलावा महिलाएं अपने स्वयं सहायता समूह, ग्राम संगठन, क्लस्टर लेवल फेडरेशन, क्षेत्रीय CRP दीदी या विकासखंड स्तरीय बिहान कार्यालय से भी आवेदन संबंधी जानकारी और सहयोग प्राप्त कर सकती हैं।

ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता को मिलेगा बढ़ावा

‘अथ उद्यम’ पहल का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को केवल स्वरोजगार तक सीमित रखने के बजाय उन्हें सक्षम व्यवसाय संचालक बनाना है। प्रशिक्षण, विशेषज्ञ मार्गदर्शन और बाजार से जुड़ाव के माध्यम से महिलाओं की प्रबंधकीय क्षमता और आर्थिक आत्मनिर्भरता को मजबूत करने में मदद मिलेगी।

इस कार्यक्रम से ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय संसाधनों पर आधारित व्यवसायों को बढ़ावा मिलने और महिलाओं के लिए आजीविका के नए अवसर विकसित होने की उम्मीद है।

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