राखी के साथ राष्ट्ररक्षा का संकल्प, CM साय ने जवानों के शौर्य को किया नमन

रायपुर, 25 अगस्त 2026। रक्षाबंधन के पावन पर्व से पहले राजधानी रायपुर में भाई-बहन के स्नेह और राष्ट्ररक्षा के संकल्प का भावपूर्ण संगम देखने को मिला। बलवीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित ‘स्नेह की डोर’ कार्यक्रम में स्कूली बेटियों, दिव्यांग बेटियों और महिला स्व-सहायता समूहों की दीदियों ने केंद्रीय सुरक्षा बलों, सेना और पुलिस के जवानों की कलाइयों पर रक्षा सूत्र बांधा। इस दौरान पूरा वातावरण आत्मीयता, सम्मान और कृतज्ञता से भर उठा।
कार्यक्रम का सबसे भावुक क्षण उस समय आया, जब वर्ष 2017 में रक्षाबंधन से ठीक एक दिन पहले नक्सली मुठभेड़ में शहीद हुए उपनिरीक्षक युगल किशोर वर्मा की धर्मपत्नी माधुरी वर्मा ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की कलाई पर राखी बांधी। मुख्यमंत्री इस दौरान भावुक हो उठे और शहीद जवानों के परिवारों के साथ सदैव खड़े रहने का संकल्प दोहराया।

नक्सलवाद का अंत बहनों के लिए सबसे बड़ा उपहार
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राखी का धागा केवल भाई-बहन के स्नेह का प्रतीक नहीं, बल्कि शहीद परिवारों के विश्वास और अपनत्व का भी प्रतीक है। उन्होंने कहा कि शहीदों के परिवार सरकार के लिए अपने परिवार जैसे हैं और उनके सम्मान, स्वाभिमान तथा सुख-दुःख में सरकार सदैव उनके साथ खड़ी रहेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में सुरक्षा बलों ने अदम्य साहस का परिचय दिया और अनेक जवानों ने सर्वोच्च बलिदान दिया। नक्सलवाद के अंत की ओर बढ़ता छत्तीसगढ़ बहनों के लिए सुरक्षा और विश्वास का सबसे बड़ा उपहार है। उन्होंने कहा कि अब वह समय आ रहा है जब नक्सल हिंसा के कारण किसी बहन का सुहाग नहीं उजड़ेगा और किसी मां को अपना बेटा नहीं खोना पड़ेगा।

उन्होंने कहा कि बस्तर की पहचान अब हिंसा से नहीं, बल्कि शांति, विकास, समृद्ध जनजातीय संस्कृति, पर्यटन और नई संभावनाओं से होगी। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार और रोजगार के अवसर तेजी से पहुंचाए जा रहे हैं।
करीब 800 जवानों को बहनों ने बांधी राखी
‘स्नेह की डोर’ कार्यक्रम में सीआईएसएफ, बीएसएफ, आईटीबीपी, सीआरपीएफ, सेना और पुलिस के लगभग 800 जवान शामिल हुए। स्कूली छात्राओं, दिव्यांग बेटियों, स्वच्छता दीदियों, ड्रोन दीदियों, लखपति दीदियों और महिला स्व-सहायता समूहों की बहनों ने जवानों की कलाइयों पर राखी बांधकर राष्ट्र और समाज की सुरक्षा में उनके योगदान के प्रति आभार जताया।
जवानों ने भी बहनों की रक्षा, सम्मान और सुरक्षा का संकल्प लिया। मुख्यमंत्री ने नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई में योगदान देने वाले सुरक्षा बलों के जवानों के शौर्य और समर्पण को नमन किया।

‘बहनों का स्नेह मेरी सबसे बड़ी शक्ति’
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की लाखों-करोड़ों बहनों का स्नेह और आशीर्वाद उन्हें जनसेवा के लिए नई ऊर्जा देता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान के साथ उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार काम कर रही है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में 2 लाख 42 हजार से अधिक महिला स्व-सहायता समूहों से करीब 30 लाख महिलाएं जुड़ी हैं। वहीं 13 लाख 85 हजार बहनें लखपति दीदी बन चुकी हैं।
रक्षाबंधन से पहले 68 लाख बहनों को 631 करोड़ रुपये
मुख्यमंत्री ने बताया कि महतारी वंदन योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खातों में दी जा रही है। रक्षाबंधन के अवसर पर योजना की 31वीं किस्त के रूप में लगभग 68 लाख बहनों के खातों में करीब 631 करोड़ रुपये अंतरित किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है, ताकि वे परिवार से जुड़े छोटे-बड़े निर्णय स्वयं ले सकें और अपने त्योहार पूरे उत्साह एवं सम्मान के साथ मना सकें।
रायपुर जिले को मिले पांच अभिनव प्रोजेक्ट
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने रायपुर जिला प्रशासन और विभिन्न विभागों द्वारा तैयार पांच अभिनव प्रोजेक्ट्स का भी शुभारंभ किया। इनमें ‘हरित पोषणम्’, ‘प्रोजेक्ट निरामय’, ‘तिरंगा शक्ति फेस्ट’, ‘प्रोजेक्ट अहिगुण्डिकः’ और ‘रायपुर अनफिल्टर्ड’ शामिल हैं।
हरित पोषणम् के तहत आंगनबाड़ियों और महिला समूहों को फलदार पौधे और सब्जियों के उन्नत बीज उपलब्ध कराकर पोषण वाटिकाओं को बढ़ावा दिया जाएगा। प्रोजेक्ट निरामय के अंतर्गत रायपुर जिले के 215 उच्च एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों के 65,920 विद्यार्थियों की स्वास्थ्य और रक्त जांच की जाएगी तथा जरूरत पड़ने पर निःशुल्क उपचार की व्यवस्था की जाएगी।
वहीं तिरंगा शक्ति फेस्ट के माध्यम से हर माह सामाजिक समरसता, संस्कृति, सुशासन, युवा नेतृत्व और राष्ट्रभावना से जुड़े आयोजन होंगे। रायपुर अनफिल्टर्ड के जरिए छत्तीसगढ़ की प्रतिष्ठित हस्तियों, कलाकारों और विभिन्न क्षेत्रों में योगदान देने वाले लोगों के जीवन और विचारों को पॉडकास्ट के माध्यम से सामने लाया जाएगा।
प्रोजेक्ट अहिगुण्डिकः के तहत सौंरा (सपेरा) समुदाय के परिवारों को शासन की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसमें आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना, जॉब कार्ड सहित विभिन्न योजनाओं और जरूरी दस्तावेजों का लाभ पात्र परिवारों तक पहुंचाने की पहल की जाएगी।
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, सुरक्षा बलों के अधिकारी-जवानों, स्कूली विद्यार्थियों, महिला स्व-सहायता समूहों की सदस्यों और विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही।



