ब्लू वाटर खदान में दोस्तों से शर्त लगाना पड़ा भारी, गहरे पानी में डूबा 24 वर्षीय युवक

रायपुर। नया रायपुर के माना थाना क्षेत्र स्थित ब्लू वाटर खदान में दोस्तों के साथ घूमने गया 24 वर्षीय युवक गहरे पानी में डूब गया। युवक की पहचान मौदहापारा निवासी आदिल खान के रूप में हुई है। घटना बुधवार शाम की बताई जा रही है। गुरुवार सुबह से SDRF और होमगार्ड की करीब 20 सदस्यीय टीम लगातार युवक की तलाश में जुटी है, लेकिन अब तक उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया है।
जानकारी के मुताबिक, आदिल अपने दो दोस्तों के साथ ब्लू वाटर खदान घूमने गया था। इसी दौरान आदिल और उसके एक दोस्त के बीच खदान के एक छोर से दूसरे छोर तक तैरकर जाने की शर्त लगी। दोनों पानी में उतर गए। बीच में पहुंचने के बाद आदिल गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा। वहीं उसका दोस्त किसी तरह वापस किनारे की ओर तैरकर पहुंच गया। तीसरा दोस्त दोनों के तैरने का वीडियो बना रहा था।

शाम होने के कारण नहीं हो सकी सर्चिंग
घटना की सूचना बुधवार शाम पुलिस को मिली। शाम होने के कारण खदान में सर्चिंग अभियान शुरू नहीं किया जा सका। गुरुवार सुबह करीब 6 बजे से SDRF और होमगार्ड की 20 सदस्यीय टीम ने तलाश शुरू की। कई घंटों की सर्चिंग के बाद भी आदिल का पता नहीं चल सका है।
रायपुर ग्रामीण ASP अभिषेक झा ने बताया कि आदिल अपने दो दोस्तों के साथ ब्लू वाटर खदान गया था। शर्त के दौरान वह गहरे पानी में चला गया और डूब गया। उसका दोस्त तैरकर वापस किनारे पर पहुंच गया। उन्होंने बताया कि सुबह से SDRF और होमगार्ड की टीम लगातार युवक की तलाश कर रही है।
अंडरवाटर कैमरे से होगी तलाश
रायपुर होमगार्ड के जिला सेनानी अधिकारी पुष्पराज सिंह के मुताबिक, गुरुवार सुबह से सर्च ऑपरेशन जारी है। यदि सूर्यास्त तक आदिल का शव बरामद नहीं होता है, तो शुक्रवार को अंडरवाटर कैमरे की मदद से पानी के भीतर सर्चिंग अभियान चलाया जाएगा।
ब्लू वाटर में पहले भी हो चुके हैं हादसे
ब्लू वाटर खदान में इससे पहले भी डूबने की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। उपलब्ध
जानकारी के मुताबिक—
- अगस्त 2026: 24 वर्षीय आदिल खान लापता
- अक्टूबर 2025: छात्र जयेश साहू और मृदुल बंजरिया की मौत
- जून 2023: नदीम अंसारी, शाहबाज अंसारी और फैजल आलम की मौत
- मई 2019: 17 वर्षीय मोहन बाघ की मौत
- अगस्त 2017: 17 वर्षीय सुनैना की मौत
खूबसूरत नजारा, लेकिन गहराई का खतरा
नवा रायपुर के निर्माण के दौरान सड़क, गार्डन और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए आसपास बड़े पैमाने पर मुरम और पत्थरों की खुदाई की गई थी। खुदाई के बाद बने गड्ढों में बारिश का पानी भरने से यहां बड़े जलाशय बन गए। इन जगहों की खूबसूरती देखने और पिकनिक मनाने लोग पहुंचते हैं, लेकिन पानी की वास्तविक गहराई और खतरे का अंदाजा नहीं लगा पाते।
ब्लू वाटर खदान में लगातार हो रहे हादसों के बावजूद लोग यहां तैरने और पानी में उतरने का जोखिम उठाते हैं। आदिल के साथ हुआ हादसा भी इसी लापरवाही का एक गंभीर उदाहरण है।



