गांजा तस्करी का भंडाफोड़, 10.50 लाख की खेप के साथ दो गिरफ्तार

बिलासपुर। रेलवे स्टेशन पर गांजा तस्करी के खिलाफ जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। टीम ने स्टेशन परिसर से एक महिला और पुरुष को गांजे की बड़ी खेप के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से कुल 21.058 किलो गांजा बरामद हुआ है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 10 लाख 50 हजार रुपये बताई जा रही है।
मुखबिर की सूचना पर हुई कार्रवाई
जीआरपी को मुखबिर से सूचना मिली थी कि बिलासपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 4-5 के हावड़ा छोर स्थित ओवरब्रिज के नीचे एक महिला और पुरुष संदिग्ध हालत में गांजे की खेप लेकर मौजूद हैं। सूचना मिलते ही जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और दोनों संदिग्धों को पकड़ लिया।
इसके बाद आरोपियों के पास मौजूद दो बैगों की तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान एक काले रंग के बैग और एक लाल रंग के ट्रॉली बैग से गांजे के 10 पैकेट बरामद हुए। इलेक्ट्रॉनिक तराजू से तौल करने पर गांजे का कुल वजन 21.058 किलो निकला।
बिहार के रहने वाले हैं आरोपी
पूछताछ में आरोपियों की पहचान संगीता मिश्रा (43) और सुशील मिश्रा (45) के रूप में हुई है। दोनों बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के बगहा थाना क्षेत्र के निवासी बताए गए हैं।
प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि दोनों आरोपी ट्रेन के जरिए गांजे की खेप लेकर बिलासपुर पहुंचे थे। पुलिस के मुताबिक, दोनों हावड़ा-अहमदाबाद एक्सप्रेस से बिलासपुर आए थे।
सप्लाई नेटवर्क की जांच शुरू
गांजा बरामद होने के बाद पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि आरोपी गांजा कहां से लेकर आए थे और बिलासपुर में इसकी सप्लाई किसे की जानी थी। जांच एजेंसियां आरोपियों के संपर्कों और संभावित सप्लाई नेटवर्क की भी जानकारी जुटा रही हैं।
पुलिस को आशंका है कि इस मामले के जरिए गांजा तस्करी से जुड़े अन्य लोगों के बारे में भी जानकारी सामने आ सकती है।
NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज
जीआरपी ने दोनों आरोपियों के खिलाफ NDPS एक्ट की धारा 20(बी) के तहत मामला दर्ज किया है। कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद दोनों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
जीआरपी और आरपीएफ ने कहा है कि रेलवे स्टेशन और ट्रेनों के जरिए गांजा समेत अन्य मादक पदार्थों की तस्करी करने वालों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। स्टेशन परिसर में संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी के साथ मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय रखा जा रहा है।



