नारायणपुर में आत्मसमर्पित 50 युवाओं के पुनर्वास को बड़ा संबल, 70.68 लाख की प्रोत्साहन राशि मंजूर

रायपुर 9 अगस्त 2026। हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटने वाले युवाओं को सम्मानजनक और स्वावलंबी जीवन देने की दिशा में नारायणपुर जिले में पुनर्वास की पहल लगातार आगे बढ़ रही है। शासन की पुनर्वास नीति से प्रेरित होकर हथियारों के साथ आत्मसमर्पण करने वाले 50 पूर्व कैडरों के लिए कुल 70 लाख 68 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि मंजूर की गई है।
इसी कड़ी में 7 अगस्त को 13 आत्मसमर्पित युवाओं को उनके द्वारा समर्पित हथियारों के एवज में कुल 24 लाख 30 हजार 600 रुपये की प्रोत्साहन राशि के चेक वितरित किए गए। नगर पालिका अध्यक्ष एवं कलेक्टर ने आत्मसमर्पित युवाओं को सम्मानपूर्वक चेक प्रदान किए और उन्हें समाज की मुख्यधारा में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।
पुनर्वास नीति से संवर रहा भविष्य
छत्तीसगढ़ शासन की पुनर्वास नीति का उद्देश्य हिंसा का रास्ता छोड़ने वाले युवाओं को सुरक्षित, सम्मानजनक और आत्मनिर्भर जीवन का अवसर प्रदान करना है। आत्मसमर्पण करने वाले लोगों को रोजगार, स्वरोजगार और वित्तीय सहायता जैसी सुविधाओं से जोड़कर उन्हें स्थायी रूप से समाज की प्रगति में सहभागी बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
इस पहल से आत्मसमर्पित युवा अपने परिवार के लिए बेहतर भविष्य तैयार करने के साथ-साथ क्षेत्र के विकास में भी योगदान दे सकेंगे।
शांति और विकास ही जीवन की असली राह
कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर ने आत्मसमर्पित युवाओं का स्वागत करते हुए उन्हें शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ उठाकर गरिमापूर्ण जीवन जीने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि हिंसा छोड़कर विकास का मार्ग अपनाना क्षेत्र में शांति, खुशहाली और प्रगति की नई राह खोल रहा है।
प्रशासन की ओर से बताया गया कि शेष पात्र हितग्राहियों को भी नियमानुसार जल्द ही स्वीकृत प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। पुनर्वास और मुख्यधारा से जुड़ने की इस प्रक्रिया से नारायणपुर में शांति, विश्वास और विकास का वातावरण मजबूत होने की उम्मीद है।



