मुख्यमंत्री साय ने किया सोलर उद्योगों के स्टॉलों का अवलोकन, उत्कृष्ट संस्थाओं को किया सम्मानित

रायपुर, 23 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ सौर ऊर्जा के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रदेश सरकार ने मार्च 2027 तक 5 लाख घरों को सौर ऊर्जा से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया है। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत अब तक प्रदेश के करीब 95 हजार घरों की छतों पर सोलर पैनल स्थापित किए जा चुके हैं।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर के पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में छत्तीसगढ़ सोलर वेलफेयर एसोसिएशन के दो दिवसीय ‘संवाद’ कार्यक्रम के समापन समारोह में कहा कि सौर ऊर्जा भविष्य की ऊर्जा है और छत्तीसगढ़ इस क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ पहले से ही ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में मजबूत स्थिति में है। प्रदेश में वर्तमान में लगभग 30 हजार मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है। ऊर्जा क्षेत्र में करीब 3.50 लाख करोड़ रुपये के एमओयू हुए हैं, जिनसे भविष्य में लगभग 30 हजार मेगावाट अतिरिक्त बिजली उत्पादन क्षमता विकसित होने की संभावना है।
4 हजार मेगावाट ग्रीन एनर्जी का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश स्वच्छ और हरित ऊर्जा की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। सौर ऊर्जा के व्यापक उपयोग से जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता कम होगी और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। छत्तीसगढ़ ने आने वाले समय में 4 हजार मेगावाट ग्रीन एनर्जी उत्पादन का लक्ष्य रखा है, जो वर्ष 2070 तक भारत को नेट जीरो कार्बन उत्सर्जन वाला देश बनाने के राष्ट्रीय संकल्प में महत्वपूर्ण योगदान देगा।
5 लाख घरों को सौर ऊर्जा से जोड़ने का लक्ष्य
प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को आम लोगों के लिए ऊर्जा उपभोक्ता के साथ-साथ ऊर्जा उत्पादक बनने का अवसर बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना को प्रदेश में अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। अब तक करीब 95 हजार घर सौर ऊर्जा से जुड़ चुके हैं और मार्च 2027 तक 5 लाख घरों में सोलर पैनल लगाने का लक्ष्य है।

1 किलोवाट क्षमता का सोलर संयंत्र लगाने पर केंद्र सरकार की ओर से 30 हजार रुपये और राज्य सरकार की ओर से 15 हजार रुपये का अनुदान दिया जा रहा है। वहीं 3 किलोवाट क्षमता के संयंत्र पर करीब 1 लाख 8 हजार रुपये की सब्सिडी उपलब्ध है। डीएमएफ वाले क्षेत्रों में अनुदान की अंतर राशि डीएमएफ से उपलब्ध कराने का भी प्रावधान है।
महिला समूहों के लिए रोजगार का नया माध्यम
सौर ऊर्जा का विस्तार महिलाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी पैदा कर रहा है। प्रदेश की महिला स्व-सहायता समूहों की सदस्य अब सोलर वेंडर के रूप में काम कर रही हैं और हितग्राहियों के घरों में सोलर संयंत्र स्थापित कर रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 2 लाख 82 हजार स्व-सहायता समूहों से 30 लाख से अधिक महिलाएं जुड़ी हैं, जबकि 13 लाख से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। सौर ऊर्जा जैसे नए क्षेत्रों से महिलाओं को जोड़कर आयवृद्धि और आत्मनिर्भरता के नए अवसर तैयार किए जा रहे हैं।
सिंचाई में भी बढ़ रहा सौर ऊर्जा का उपयोग
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि सूर्य ऊर्जा का असीम स्रोत है और घरों, कृषि तथा अन्य क्षेत्रों में इसका अधिकतम उपयोग किया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में लगभग ढाई लाख सिंचाई पंपों को सौर ऊर्जा से ऊर्जीकृत किया जा चुका है। कृषि और सिंचाई के क्षेत्र में सौर ऊर्जा के उपयोग के विस्तार से किसानों के ऊर्जा खर्च में कमी आएगी और उन्हें दीर्घकालीन लाभ मिलेगा।
सोलर उद्योगों के स्टॉलों का किया अवलोकन

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कार्यक्रम के दौरान सोलर उद्योगों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया। उन्होंने सोलर पैनल, उपकरणों, नई तकनीकों और हितग्राहियों को उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। इस अवसर पर सौर ऊर्जा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली संस्थाओं, बैंकों और व्यक्तियों को सम्मानित किया गया।
मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ सोलर वेलफेयर एसोसिएशन की डायरेक्टरी का विमोचन भी किया। इसमें प्रदेशभर के एसोसिएशन पदाधिकारियों और वेंडर्स के संपर्क विवरण के साथ ऊर्जा संबंधी योजनाओं की जानकारी शामिल है।
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध निदेशक भीम सिंह कंवर, छत्तीसगढ़ सोलर वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारी, सौर ऊर्जा उद्योगों से जुड़े प्रतिनिधि, वेंडर्स, बैंक अधिकारी, महिला स्व-सहायता समूहों की सदस्य और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।



