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चिरायु योजना बनी सहारा, बाल मधुमेह से पीड़ित 11 वर्षीय बच्ची को मिला निःशुल्क इलाज

रायपुर। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत संचालित चिरायु योजना जन्मजात बीमारियों और गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे बच्चों के लिए राहत का माध्यम बन रही है। समय पर स्वास्थ्य जांच, विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श और निःशुल्क उपचार के जरिए योजना बच्चों को बेहतर स्वास्थ्य उपलब्ध कराने के साथ ही आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर उपचार का बोझ कम कर रही है।

मुंगेली विकासखंड के ग्राम नारायणपुर निवासी 11 वर्षीय किनामिका साहू भी चिरायु योजना से लाभान्वित हुई हैं। किनामिका बाल मधुमेह से पीड़ित हैं और उनका उपचार पूर्व में बिलासपुर के एक निजी अस्पताल में चल रहा था। उपचार और आवश्यक दवाइयों पर परिवार को हर महीने करीब 10 से 12 हजार रुपये खर्च करने पड़ रहे थे। आर्थिक स्थिति को देखते हुए यह खर्च परिवार के लिए लगातार चुनौती बना हुआ था।

स्वास्थ्य जांच के दौरान चिरायु टीम को किनामिका की बीमारी की जानकारी मिली। इसके बाद टीम ने बच्ची को जिला चिकित्सालय पहुंचाया, जहां शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. मधु ध्रुव ने उसका स्वास्थ्य परीक्षण किया। जांच और चिकित्सकीय परामर्श के आधार पर आगे के उपचार की व्यवस्था की गई।

चिरायु योजना के तहत जिला चिकित्सालय के माध्यम से किनामिका को निःशुल्क ग्लूकोमीटर और आवश्यक इंसुलिन दवाइयां उपलब्ध कराई गईं। इससे बच्ची के नियमित उपचार में सुविधा मिली और परिवार पर पड़ रहा आर्थिक बोझ भी काफी कम हुआ। समय पर स्वास्थ्य सुविधा मिलने से परिवार को उपचार को लेकर राहत और भरोसा मिला है।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शीला साहा ने बताया कि चिरायु टीम द्वारा बच्चों की स्वास्थ्य समस्याओं की समय पर पहचान कर उन्हें विशेषज्ञ उपचार और आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ा जा रहा है। वहीं डीपीएम गिरीश कुर्रे ने बताया कि बाल मधुमेह में इंसुलिन की कमी के कारण नियमित चिकित्सकीय देखरेख और उपचार जरूरी होता है। ऐसे मामलों में समय पर बीमारी की पहचान और लगातार उपचार बेहद महत्वपूर्ण है।

किनामिका के परिजनों ने चिरायु योजना और स्वास्थ्य विभाग की टीम के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि निजी अस्पताल में उपचार का खर्च उठाना उनके लिए काफी मुश्किल था। योजना के तहत निःशुल्क उपचार सामग्री मिलने से उन्हें बड़ी आर्थिक राहत मिली है और बच्ची का नियमित उपचार भी आसान हुआ है।

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