Cyclone Arnab Alert: चक्रवात ‘अर्नब’ का अलर्ट! छत्तीसगढ़ समेत 7 राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

रायपुर। चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के संभावित प्रभाव को लेकर छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में मौसम विभाग ने सतर्कता बरतने की सलाह दी है। आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटीय क्षेत्रों में भारी बारिश और तेज हवाओं का असर देखने को मिल रहा है। वहीं, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, झारखंड और बिहार सहित कई राज्यों में बारिश, आंधी और वज्रपात की आशंका जताई गई है।
मौसम में संभावित बदलाव को देखते हुए प्रशासन ने भी एहतियाती कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। छत्तीसगढ़ के कई जिलों में बुधवार, 28 अक्टूबर को स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है।
आंध्र प्रदेश और ओडिशा में तूफान का असर
दी गई जानकारी के मुताबिक, चक्रवात ‘अर्नब’ के आंध्र प्रदेश के तट से टकराने के दौरान 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। हवा के झोंकों की गति 150 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का दावा किया गया है। तूफान के प्रभाव से तटीय क्षेत्रों में भारी बारिश, पेड़ों के गिरने और मकानों को नुकसान पहुंचने की खबरें सामने आई हैं।
तूफान के प्रभाव को देखते हुए अन्य राज्यों में भी मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखी जा रही है।
छत्तीसगढ़ में 28 और 29 अक्टूबर को बारिश की आशंका
चक्रवात के संभावित प्रभाव से छत्तीसगढ़ में 28 और 29 अक्टूबर को कई इलाकों में मध्यम से तेज बारिश होने की संभावना जताई गई है। कुछ स्थानों पर गरज-चमक, आंधी और बिजली गिरने का खतरा भी हो सकता है। तेज हवाओं के कारण सामान्य जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है।
मौसम की स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार और जिला प्रशासन सतर्क हैं। लोगों को खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने तथा मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी गई है।
इन जिलों में स्कूल बंद
चक्रवात के संभावित प्रभाव और खराब मौसम की आशंका को देखते हुए छत्तीसगढ़ के कई जिलों में बुधवार, 28 अक्टूबर को स्कूलों में अवकाश घोषित किए जाने की जानकारी दी गई है।
इनमें शामिल हैं:
- दंतेवाड़ा
- बीजापुर
- बालोद
- कांकेर
- राजनांदगांव
- धमतरी
संबंधित जिलों में अवकाश का उद्देश्य विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। अभिभावकों और विद्यार्थियों को जिला प्रशासन तथा शिक्षा विभाग की ओर से जारी आदेशों की पुष्टि करने की सलाह दी जाती है।
मध्य प्रदेश के 31 जिलों में मौसम को लेकर अलर्ट
मध्य प्रदेश में भी चक्रवात के प्रभाव से मौसम बदलने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार, राज्य के कई हिस्सों में तेज हवाओं के साथ बारिश और गरज-चमक हो सकती है।
सीधी, सिंगरौली, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट सहित पूर्वी तथा उत्तर-पूर्वी क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत बताई गई है। कुछ इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है।
हालांकि, 31 जिलों में जारी अलर्ट का सटीक विवरण और जिलेवार चेतावनी आधिकारिक मौसम बुलेटिन से सत्यापित किया जाना चाहिए।
झारखंड में 28 और 29 अक्टूबर को बारिश की संभावना
झारखंड में भी 28 और 29 अक्टूबर को गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है। कुछ क्षेत्रों में तेज हवाओं, वज्रपात और भारी बारिश का खतरा हो सकता है।
सरायकेला-खरसावां, पूर्वी सिंहभूम और चतरा सहित कुछ इलाकों में मौसम ज्यादा सक्रिय रहने की आशंका है। लोगों को खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचने की सलाह दी जाती है।
बिहार में 1 नवंबर तक मौसम बदलने की आशंका
बिहार में भी चक्रवात के संभावित प्रभाव से बारिश और तेज हवाओं का दौर देखने को मिल सकता है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 28 अक्टूबर से 1 नवंबर के बीच राज्य के विभिन्न हिस्सों में बारिश की संभावना जताई गई है।
29 और 30 अक्टूबर को कुछ इलाकों में भारी बारिश और वज्रपात का खतरा बढ़ सकता है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की आशंका भी व्यक्त की गई है।
मौसम की स्थिति को देखते हुए लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने की सलाह दी जाती है।
खराब मौसम में बरतें ये सावधानियां
- आकाशीय बिजली चमकने के दौरान खुले मैदान में न रहें।
- तेज हवाओं के समय पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर संरचनाओं से दूर रहें।
- जलभराव वाले रास्तों और उफनते नालों को पार करने का प्रयास न करें।
- मौसम विभाग और जिला प्रशासन की आधिकारिक चेतावनियों पर नजर रखें।
- स्कूलों की छुट्टी और अन्य स्थानीय निर्देशों की पुष्टि संबंधित जिला प्रशासन से करें।



