
रायपुर। छत्तीसगढ़ में पुलिस अधिकारियों के ट्रांसफर-पोस्टिंग को लेकर हाईकोर्ट ने अहम हस्तक्षेप किया है। बिलासपुर हाईकोर्ट ने एक अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए संबंधित तबादला आदेश पर रोक लगा दी है। मामले में कोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब भी मांगा है।
मामला पुलिस विभाग में अधिकारियों की पदस्थापना और वरिष्ठता से जुड़ा बताया जा रहा है। याचिकाकर्ता ASP ने अपने तबादले को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। याचिका में ट्रांसफर-पोस्टिंग की प्रक्रिया और वरिष्ठता के सिद्धांत को लेकर सवाल उठाए गए हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, कोर्ट ने फिलहाल संबंधित आदेश के प्रभाव पर रोक लगाते हुए सरकार का पक्ष जानने का निर्णय लिया है।
वरिष्ठता को लेकर उठे सवाल
मामले में यह भी सामने आया है कि पुलिस अधिकारियों की पदस्थापना में वरिष्ठता के सिद्धांत की अनदेखी का आरोप लगाया गया है। इसी आधार पर याचिकाकर्ता ने न्यायालय से राहत की मांग की। हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद अब राज्य सरकार को मामले में अपना जवाब प्रस्तुत करना होगा।
23 सितंबर को अगली सुनवाई
मामले में हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 23 सितंबर 2026 की तारीख निर्धारित की है। तब तक संबंधित ट्रांसफर-पोस्टिंग आदेश पर कोर्ट के अंतरिम आदेश का प्रभाव रहेगा।
हाईकोर्ट के इस आदेश को पुलिस प्रशासन में स्थानांतरण प्रक्रिया, वरिष्ठता और अधिकारियों के सेवा अधिकारों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, मामले में अंतिम फैसला अभी नहीं आया है और आगे की सुनवाई के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।



