Raipur: रक्तदान महाकुंभ: 1000 से ज्यादा महिलाओं ने किया रक्तदान, गोल्डन बुक में दर्ज हुआ रिकॉर्ड

रायपुर। राजधानी रायपुर के सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में बुधवार को सेवा संकल्प अभियान के तहत आयुर्वेद सेवा सम्मेलन, रक्तदान महाकुंभ और वृहद स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं, युवाओं और समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने रक्तदान, देहदान और अंगदान का संकल्प लेकर जनसेवा की मिसाल पेश की।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि रक्तदान मानवता की सबसे बड़ी सेवाओं में से एक है। रक्तदाता द्वारा दी गई रक्त की एक यूनिट किसी जरूरतमंद मरीज की जान बचाकर उसके परिवार के लिए नई उम्मीद बन सकती है। उन्होंने राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस की शुभकामनाएं देते हुए रक्तदान, देहदान और अंगदान का संकल्प लेने वाले नागरिकों की सराहना की।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस 17 सितंबर से प्रदेशभर में सेवा संकल्प अभियान के तहत विभिन्न जनसेवा और जनकल्याणकारी कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। रक्तदान के साथ जरूरतमंद बच्चों के लिए पुस्तक, खिलौने और स्टेशनरी एकत्र करने जैसी पहल भी अभियान का हिस्सा हैं।
1000 से अधिक महिलाओं ने किया रक्तदान
रक्तदान महाकुंभ में महिलाओं की विशेष भागीदारी देखने को मिली। आयोजन के लिए 3600 से अधिक महिलाओं ने रक्तदान के लिए पंजीयन कराया था। रक्तदान के लिए 200 बेड की व्यवस्था की गई थी। एक ही दिन में 1000 से अधिक महिलाओं के रक्तदान की पहल को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया।
गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को इस उपलब्धि का प्रमाणपत्र और मेडल प्रदान किया। मुख्यमंत्री ने रक्तदाताओं को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि केवल एक रिकॉर्ड नहीं, बल्कि मानव सेवा की भावना का प्रतीक है।

आयोजन में महिला और पुरुष दोनों वर्गों की बड़ी भागीदारी रही। रक्तदान महाकुंभ में करीब 2500 यूनिट रक्तदान का लक्ष्य रखा गया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं और युवाओं की बढ़ती भागीदारी से समाज में रक्तदान के प्रति जागरूकता मजबूत हो रही है।
31 लोगों ने लिया देहदान का संकल्प
कार्यक्रम में प्रोजेक्ट दधीचि के तहत 31 लोगों ने देहदान का संकल्प लिया। इनमें पद्मश्री और धरसींवा विधायक अनुज शर्मा भी शामिल रहे। प्रोजेक्ट दधीचि के तहत अब तक 103 लोग देहदान का संकल्प ले चुके हैं।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि मृत्यु के बाद भी किसी के काम आने का संकल्प मानव सेवा की प्रेरणादायी भावना है। देहदान चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, जबकि अंगदान जरूरतमंद मरीज को नया जीवन देने में मदद कर सकता है।

आयुर्वेद को बताया भारत की समृद्ध विरासत
राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ने आयुर्वेद को भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा की अमूल्य विरासत बताया। उन्होंने कहा कि भगवान धन्वंतरि और चरक-सुश्रुत जैसे आचार्यों ने स्वस्थ जीवन और चिकित्सा की समृद्ध परंपरा विकसित की, जो आज भी मानव कल्याण में उपयोगी है।
उन्होंने कहा कि आयुर्वेद, योग और प्राकृतिक चिकित्सा को बढ़ावा देने के साथ राज्य में आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं का भी विस्तार किया जा रहा है। सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के नागरिकों को बेहतर, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हों।
जरूरतमंद बच्चों के लिए पुस्तक और स्टेशनरी कलेक्शन
सेवा संकल्प अभियान के तहत रक्तदान और स्वास्थ्य जांच के साथ जरूरतमंद बच्चों के लिए पुस्तक, खिलौने और स्टेशनरी एकत्र करने की पहल भी की गई। कार्यक्रम स्थल पर इसके लिए अलग-अलग कलेक्शन सेंटर बनाए गए थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सेवा का अर्थ केवल एक क्षेत्र में सहयोग करना नहीं है, बल्कि जहां आवश्यकता हो वहां संवेदनशीलता के साथ आगे आना है। बच्चों तक पुस्तकें, खिलौने और अध्ययन सामग्री पहुंचाने से उनकी शिक्षा और विकास में मदद मिलेगी।

स्वास्थ्य अधोसंरचना के विस्तार पर जोर
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक सेवा संकल्प अभियान चलाया जा रहा है। रक्तदान महाकुंभ में करीब 2500 यूनिट रक्तदान का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि स्वेच्छा से बड़ी संख्या में लोगों का रक्तदान के लिए आगे आना समाज में सेवा भावना की मजबूती को दर्शाता है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में स्वास्थ्य अधोसंरचना का लगातार विस्तार किया जा रहा है। जगदलपुर और बिलासपुर में सुपर स्पेशलिटी स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार हो रहा है। नए मेडिकल कॉलेजों के माध्यम से चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया जा रहा है।
स्वास्थ्य मंत्री के मुताबिक प्रदेश में आयुर्वेद, योग और प्राकृतिक चिकित्सा की सुविधाओं का भी विस्तार किया जा रहा है। चार नए योग एवं नेचुरोपैथी अस्पताल विकसित किए जा रहे हैं। रायपुर में एनआईटी के सामने 100 बिस्तरीय नया आयुर्वेदिक अस्पताल तैयार किया जा रहा है, जबकि बिलासपुर में आयुर्वेदिक अस्पताल के नए भवन का निर्माण जारी है।
कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री अरुण साव, वन मंत्री केदार कश्यप, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक सुनील सोनी, विधायक एवं पद्मश्री अनुज शर्मा, विधायक प्रबोध मिंज सहित विभिन्न निगम-मंडलों के अध्यक्ष, प्रशासनिक अधिकारी, अर्धसैनिक बल एवं सेना के अधिकारी-जवान और बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे।



