छत्तीसगढ़देश-दुनिया

Pitru Paksha 2026: 27 सितंबर से पितृ पक्ष शुरू, जानें श्राद्ध की पूरी तारीखें

रायपुर। पितृ पक्ष का इंतजार कर रहे लोगों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी है। इस वर्ष पितृ पक्ष की शुरुआत 27 सितंबर 2026, रविवार से होगी। हालांकि पूर्णिमा का श्राद्ध 26 सितंबर को ही किया जाएगा। पितृ पक्ष के दौरान पितरों के लिए श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान करने की परंपरा है।

धार्मिक मान्यता के अनुसार पितृ पक्ष में विधि-विधान से श्राद्ध और तर्पण करने से पितरों की कृपा प्राप्त होती है। इस दौरान श्राद्ध कर्म में भोजन निकालने की भी विशेष परंपरा है। इसमें पांच स्थानों के लिए भोजन निकाला जाता है।

श्राद्ध में किन 5 जगहों के लिए निकाला जाता है भोजन?

श्राद्ध कर्म के दौरान पंचबलि की परंपरा बताई गई है। इसके तहत भोजन का हिस्सा पांच स्थानों के लिए निकाला जाता है।

1. कौए के लिए भोजन: इसे काक बलि कहा जाता है। धार्मिक मान्यता में कौए को पितरों का प्रतीक माना जाता है।

2. कुत्ते के लिए भोजन: श्राद्ध में कुत्ते के लिए भी भोजन का हिस्सा निकाला जाता है।

3. गाय के लिए भोजन: गाय को भोजन कराना भी श्राद्ध कर्म का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।

4. चींटियों के लिए भोजन: चींटियों के लिए भी भोजन का अंश निकाला जाता है।

5. देवताओं के लिए भोजन: पांचवां हिस्सा देवताओं के निमित्त निकाला जाता है।

मान्यता है कि इन पांचों के लिए भोजन निकालना श्राद्ध कर्म की पारंपरिक प्रक्रिया का हिस्सा है।

इस बार एक ही दिन पड़ेंगे दो श्राद्ध

पितृ पक्ष 2026 में एक खास संयोग भी बन रहा है। इस बार षष्ठी और सप्तमी का श्राद्ध एक ही दिन, 2 अक्टूबर 2026, शुक्रवार को किया जाएगा। ज्योतिषविद् पं. दिवाकर त्रिपाठी पूर्वांचली के अनुसार, 2 अक्टूबर को मध्यान्ह काल में दोनों तिथियां पड़ने के कारण यह स्थिति बन रही है।

Pitru Paksha 2026 की श्राद्ध तिथियां

  • पूर्णिमा श्राद्ध: 26 सितंबर
  • प्रतिपदा: 27 सितंबर
  • द्वितीया: 28 सितंबर
  • तृतीया: 29 सितंबर
  • चतुर्थी: 30 सितंबर
  • पंचमी: 1 अक्टूबर
  • षष्ठी: 2 अक्टूबर
  • सप्तमी: 2 अक्टूबर
  • अष्टमी: 3 अक्टूबर
  • नवमी: 4 अक्टूबर
  • दशमी: 5 अक्टूबर
  • एकादशी: 6 अक्टूबर
  • द्वादशी: 7 अक्टूबर
  • त्रयोदशी: 8 अक्टूबर
  • चतुर्दशी: 9 अक्टूबर
  • अमावस्या: 10 अक्टूबर

27 सितंबर से शुरू होगा पितृ पक्ष

ज्योतिषीय गणना के अनुसार आश्विन कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि 26 सितंबर की रात 10:04 बजे शुरू होगी और 27 सितंबर को सूर्योदय के साथ पितृ पक्ष का आरंभ माना जाएगा। वहीं पूर्णिमा का श्राद्ध 26 सितंबर को ही किया जाएगा।

पितृ पक्ष में अपने दिवंगत परिजनों की तिथि के अनुसार श्राद्ध और तर्पण करने की परंपरा है। अलग-अलग स्थानों पर पंचांग और धार्मिक विधि के अनुसार समय में अंतर हो सकता है, इसलिए श्राद्ध कर्म से पहले स्थानीय पंचांग या विद्वान से तिथि और मुहूर्त की पुष्टि करना उचित माना जाता है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button