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Priyanka Gandhi on PM Modi: ‘कैमरे का नहीं, दिल का एंगल बदलें’, पेपर लीक विरोधी कानून पर सरकार को घेरा

नई दिल्ली। लोकसभा में एंटी पेपर लीक संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सरकार को केवल कैमरे के सामने संवेदनशील दिखने के बजाय छात्रों की वास्तविक समस्याओं को समझने की जरूरत है। इसी दौरान उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “कैमरे का नहीं, दिल का एंगल बदलें पीएम मोदी।”

प्रियंका गांधी का यह बयान संसद में पेपर लीक विरोधी कानून पर चल रही बहस के दौरान आया, जहां सरकार और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली।

सिर्फ कानून नहीं, जवाबदेही भी जरूरी

प्रियंका गांधी ने कहा कि देश के लाखों छात्र वर्षों की मेहनत के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होते हैं, लेकिन बार-बार पेपर लीक की घटनाओं से उनका भविष्य प्रभावित होता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार केवल नया कानून लाकर अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकती।

उन्होंने कहा कि यदि पहले से बने कानूनों का प्रभावी ढंग से पालन होता, तो छात्रों को बार-बार ऐसी परिस्थितियों का सामना नहीं करना पड़ता।

सरकार पर छात्रों की आवाज नहीं सुनने का आरोप

कांग्रेस सांसद ने कहा कि पेपर लीक की घटनाओं के खिलाफ जब छात्र सड़कों पर उतरते हैं, तब उनकी बात सुनने के बजाय सरकार उन्हें नजरअंदाज करती है। उन्होंने कहा कि सरकार को छात्रों का विश्वास जीतने के लिए केवल सख्त कानून बनाने से आगे बढ़कर पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था और जिम्मेदारी तय करने पर काम करना चाहिए।

सरकार का दावा- कानून से परीक्षा माफियाओं पर होगी सख्ती

वहीं सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने विधेयक का बचाव करते हुए कहा कि संशोधित एंटी पेपर लीक कानून परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने और संगठित पेपर लीक गिरोहों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। सरकार का दावा है कि यह कानून भर्ती और प्रवेश परीक्षाओं की विश्वसनीयता को मजबूत करेगा।

संसद में सरकार-विपक्ष आमने-सामने

एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा के दौरान सरकार और विपक्ष के बीच तीखे आरोप-प्रत्यारोप देखने को मिले। सरकार इसे छात्रों के हित में ऐतिहासिक कानून बता रही है, जबकि विपक्ष का कहना है कि केवल कानून बनाने से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि उसकी प्रभावी निगरानी और जवाबदेही सुनिश्चित करनी होगी।

लोकसभा में इस मुद्दे पर चर्चा के बाद विधेयक पर आगे की प्रक्रिया जारी रहेगी। राजनीतिक हलकों में प्रियंका गांधी का बयान चर्चा का विषय बना हुआ है।

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