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धान-चावल और रेजिन से सजी राखियां, दीदियों ने दिखाया हुनर

रायपुर 17 अगस्त 2026 रक्षा बंधन पर्व को लेकर कोरिया जिले में तैयारियां तेज हो गई हैं। भाई-बहन के प्रेम और सुरक्षा के प्रतीक इस पर्व के लिए महिला स्व-सहायता समूहों की दीदियों ने बड़ी संख्या में आकर्षक और डिजाइनर राखियां तैयार की हैं। ये लोकल उत्पाद बैकुंठपुर के स्थानीय बाजार में बिक्री के लिए उपलब्ध हैं।

जनपद पंचायत बैकुंठपुर के ग्राम पंचायत मझगंवा की प्रगति महिला समूह और ग्राम पंचायत आमगांव की बजरंग महिला समूह की महिलाएं अपनी रचनात्मकता और हुनर से विभिन्न डिजाइन की राखियां तैयार कर रही हैं। इन उत्पादों में स्थानीय संसाधनों और ग्रामीण संस्कृति की झलक देखने को मिल रही है।

धान, चावल और रेजिन से तैयार हो रहीं राखियां

महिला समूहों की दीदियां राखियां बनाने में धान, चावल, स्टोन और रेजिन जैसी सामग्रियों का इस्तेमाल कर रही हैं। स्थानीय सामग्री से तैयार इन राखियों में महिलाओं की कला-कौशल और रचनात्मकता का अनूठा मेल देखने को मिल रहा है।

त्योहार बना स्वरोजगार का अवसर

जिला पंचायत कोरिया के मुख्य कार्यपालन अधिकारी योगेंद्र श्रीवास ने बताया कि राखियां तैयार करने का उद्देश्य महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ना, उनकी आय बढ़ाना और स्थानीय स्तर पर आजीविका के अवसर उपलब्ध कराना है। महिला समूहों की दीदियां पूरे उत्साह के साथ राखियां तैयार कर रही हैं, जिन्हें बाजार में आकर्षक दरों पर उपलब्ध कराया जा रहा है।

लोकल उत्पादों को अपनाने की अपील

कलेक्टर रोक्तिमा यादव ने जिलेवासियों से स्थानीय महिला समूहों द्वारा तैयार की गई राखियां खरीदने की अपील की है। उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन देने से महिला स्व-सहायता समूहों की दीदियों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलेगी।

रक्षाबंधन जैसे पर्व स्थानीय उत्पादों और महिला स्व-सहायता समूहों के लिए बाजार उपलब्ध कराने के साथ-साथ ‘वोकल फॉर लोकल’ को बढ़ावा देने का भी अवसर बन रहे हैं।

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