Governmentछत्तीसगढ़ताज़ा खबरें

सड़क हादसों पर रोक के लिए 8 जिलों पर विशेष फोकस, मुख्य सचिव ने दिए सख्त निर्देश

रायपुर, 18 अगस्त 2026। राज्य में सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने और यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्य सचिव ने सभी संबंधित विभागों को बेहतर समन्वय के साथ काम करने और सड़क सुरक्षा से जुड़े उपायों की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए।

बैठक में सुप्रीम कोर्ट कमेटी ऑन रोड सेफ्टी तथा सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के तहत प्रदेश में किए जा रहे कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए ठोस और समयबद्ध कार्रवाई पर जोर दिया।

घायलों के इलाज और 108 एम्बुलेंस की होगी सख्त मॉनिटरिंग

मुख्य सचिव ने सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों का प्रधानमंत्री राहत योजना के तहत उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने 108 एम्बुलेंस की समय पर उपलब्धता की सख्त निगरानी करने तथा ट्रामा सेंटरों को और अधिक सुदृढ़ करने पर बल दिया।

दुर्घटना में घायल लोगों को तत्काल अस्पताल पहुंचाने वाले नेक नागरिकों यानी गुड सेमेरिटन को प्रोत्साहित करने के लिए उन्हें जल्द से जल्द सम्मान और प्रोत्साहन राशि उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए।

8 जिलों में दुर्घटनाओं के कारणों का होगा गहन विश्लेषण

बैठक में अधिक सड़क दुर्घटनाओं वाले आठ जिलों पर विशेष फोकस किया गया। इनमें रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, कोरबा, रायगढ़, बलौदाबाजार, सरगुजा और जगदलपुर (बस्तर) शामिल हैं।

मुख्य सचिव ने इन जिलों में दुर्घटनाओं के कारणों का गहन विश्लेषण कर विशेष कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की पहचान के साथ वहां सुधारात्मक उपायों की प्रभावी मॉनिटरिंग भी सुनिश्चित की जानी चाहिए।

ब्लैक स्पॉट्स में समय-सीमा के भीतर सुधार के निर्देश

मुख्य सचिव ने प्रदेश के ब्लैक स्पॉट्स के सुधार और उनके प्रभाव का विश्लेषण करने के निर्देश दिए। लोक निर्माण विभाग और एनएचएआई को ब्लैक स्पॉट्स में निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवश्यक सुधार कार्य पूरा करने तथा सुधार के बाद दुर्घटनाओं में आई कमी का आकलन करने को कहा गया।

उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण के बाद कमियां दूर करने के बजाय शुरुआत से ही सड़क की डिजाइन और इंजीनियरिंग को बेहतर बनाया जाना चाहिए, ताकि दुर्घटनाओं की आशंका को पहले ही कम किया जा सके।

सड़कों पर आवारा पशुओं के विचरण को रोकने के लिए भी ठोस कार्ययोजना तैयार कर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

शैक्षणिक संस्थानों में बनेंगे रोड क्लब

सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रदेश के सभी शैक्षणिक संस्थानों में रोड क्लब गठित करने पर जोर दिया गया। मुख्य सचिव ने अधिक से अधिक युवाओं को यातायात प्रबंधन और सड़क सुरक्षा अभियानों से जोड़ने के निर्देश दिए, ताकि युवाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जा सके।

उन्होंने सभी जिलों के कलेक्टरों को जिला सड़क सुरक्षा समिति की नियमित बैठकें आयोजित करने और सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए किए जा रहे कार्यों की लगातार मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए।

बैठक की शुरुआत में परिवहन सचिव श्री एस. प्रकाश ने विभागीय गतिविधियों और सड़क सुरक्षा से संबंधित कार्यों की जानकारी दी। इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (यातायात) श्री प्रदीप गुप्ता सहित लोक निर्माण विभाग, स्वास्थ्य विभाग, जनसंपर्क विभाग और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button