सुशासन तिहार बना जनविश्वास का सेतु, ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर समाधान

रायपुर, 23 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ में शासन और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करने तथा आम लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आयोजित सुशासन तिहार ने जनविश्वास और सुशासन की नई मिसाल पेश की। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में 1 मई से 10 जून 2026 तक चले इस अभियान के दौरान गांवों और शहरों में शिविर लगाकर लोगों की समस्याएं सुनी गईं और कई जरूरतों का मौके पर ही निराकरण किया गया।
सुशासन तिहार का मुख्य उद्देश्य शासन को समाज के अंतिम व्यक्ति तक सहजता से पहुंचाना रहा। मुख्यमंत्री और प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचकर सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी स्थिति का जायजा लिया। ग्रामीणों ने भी चौपाल में बेझिझक अपनी समस्याएं और जरूरतें अधिकारियों तथा मुख्यमंत्री के सामने रखीं।
गांवों में चौपाल लगाकर सुनी गईं समस्याएं
अभियान के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में 15 से 20 ग्राम पंचायतों के समूह और शहरी क्षेत्रों में वार्ड क्लस्टर स्तर पर शिविर आयोजित किए गए। ग्रामीणों ने हैंडपंप, तालाब में घाट निर्माण, सामुदायिक भवन, आंगनबाड़ी भवन, पहुंच मार्ग, विद्युत लाइन विस्तार, मध्यान्ह भोजन और स्कूलों में शिक्षकों की नियमित उपस्थिति जैसी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कई स्थानों पर अचानक पहुंचकर ग्रामीणों से सीधे संवाद किया। भीषण गर्मी के बीच मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर ग्रामीणों ने आत्मीयता से अपनी समस्याएं साझा कीं। छोटी-छोटी सार्वजनिक जरूरतों को मौके पर ही मंजूरी मिलने से ग्रामीणों में शासन के प्रति भरोसा और मजबूत हुआ।
33 जिलों के 146 विकासखंडों में चला अभियान
इस वर्ष प्रदेश के सभी 33 जिलों के 146 विकासखंडों में अभियान दल गठित किए गए। अधिकारियों और कर्मचारियों ने गांवों में पहुंचकर ग्रामीणों से उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं की जानकारी ली। अभियान के तहत कई दलों ने गांवों में रात्रि विश्राम भी किया और चौपाल के माध्यम से स्थानीय लोगों से सीधा संवाद स्थापित किया।
त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों ने भी अभियान में भागीदारी की। मुख्यमंत्री के साथ प्रभारी मंत्रियों और प्रभारी सचिवों ने विभिन्न जिलों में आकस्मिक दौरे कर सुशासन तिहार की गतिविधियों और शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन का जायजा लिया।
राशन, रोजगार और राजस्व मामलों की हुई समीक्षा
सुशासन तिहार के दौरान सार्वजनिक वितरण प्रणाली की भी समीक्षा की गई। अंत्योदय अन्न योजना, खाद्यान्न भंडारण एवं वितरण, मानसून से पहले दुर्गम क्षेत्रों में आवश्यक वस्तुओं के भंडारण और बीपीएल परिवारों को अमृत नमक वितरण की स्थिति का जायजा लिया गया।
इसके साथ ही मनरेगा और अन्य रोजगारमूलक कार्यों की प्रगति तथा श्रमिकों को मजदूरी भुगतान की स्थिति की समीक्षा की गई। राजस्व विभाग से जुड़े अविवादित नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन जैसे प्रकरणों के निराकरण पर भी विशेष ध्यान दिया गया।
पेयजल, बिजली और सामाजिक सुरक्षा पर भी फोकस
अभियान के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था, जल स्रोतों की साफ-सफाई और स्वच्छता अभियान की स्थिति की समीक्षा की गई। बिजली व्यवस्था, ट्रांसफार्मरों और विद्युत लाइनों के रखरखाव, कृषि पंपों के विद्युतीकरण और एकल बत्ती कनेक्शन से जुड़े कार्यों की भी जानकारी ली गई।
इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सा सेवाओं, पेंशन, निराश्रित पेंशन और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति भी जानी गई।
सुशासन तिहार ने यह संदेश दिया कि सुशासन केवल योजनाओं की घोषणा तक सीमित नहीं है, बल्कि शासन की संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जवाबदेही को जनता के द्वार तक पहुंचाना ही इसका वास्तविक उद्देश्य है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में आयोजित इस अभियान के माध्यम से सरकार और जनता के बीच संवाद को और मजबूत करने का प्रयास किया गया।



