सरगुजा संभाग के 819 पटवारियों को अल्टीमेटम, तत्काल काम पर लौटने के निर्देश; जारी हुए शो-कॉज नोटिस

रायपुर, 1 नवंबर 2026। छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग में हड़ताल पर गए पटवारियों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। संभाग के सभी छह जिलों के 819 पटवारियों को तत्काल काम पर लौटने और अपना कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। इस संबंध में संबंधित अनुविभागीय दंडाधिकारियों (एसडीएम) ने पटवारियों को शो-कॉज नोटिस जारी किए हैं।
संभागायुक्त नरेंद्र दुग्गा ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए हैं कि हड़ताल पर गए पटवारियों को तत्काल ड्यूटी पर उपस्थित होने के लिए नोटिस जारी किया जाए। साथ ही संबंधित तहसीलदार के माध्यम से उसी दिन व्यक्तिगत रूप से लिखित स्पष्टीकरण भी प्रस्तुत करने को कहा गया है। निर्धारित तिथि पर मुख्यालय में उपस्थित नहीं होने और स्पष्टीकरण नहीं देने पर एकपक्षीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
छह जिलों के 819 पटवारियों को नोटिस
प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार छह जिलों में पटवारियों को नोटिस जारी किए गए हैं।
- सूरजपुर – 192 पटवारी
- सरगुजा – 216 पटवारी
- कोरिया – 60 पटवारी
- मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) – 51 पटवारी
- जशपुर – 150 पटवारी
- बलरामपुर – 150 पटवारी
इसके अलावा बलरामपुर जिले में मुख्यालय में निवास नहीं करने के कारण पांच पटवारियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई भी की गई है।
फसल सर्वे और धान खरीदी से जुड़े काम प्रभावित
संभागायुक्त नरेंद्र दुग्गा ने कहा कि बिना सक्षम प्राधिकारी की अनुमति या स्वीकृत अवकाश के ड्यूटी से अनुपस्थित रहने के कारण कई महत्वपूर्ण शासकीय कार्य प्रभावित हो रहे हैं। इनमें डिजिटल क्रॉप सर्वे, फिजिकल वेरिफिकेशन, एग्रीस्टैक और आगामी धान खरीदी के लिए किसानों के अभिलेखों का सत्यापन शामिल है।
इसके अलावा आय, जाति और निवास प्रमाणपत्रों के लिए जांच प्रतिवेदन तैयार करने, नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन और राजस्व न्यायालयों से जुड़े मामलों के निराकरण पर भी असर पड़ रहा है।
चक्रवाती तूफान से फसल नुकसान का सर्वे भी प्रभावित
प्रशासन के अनुसार चक्रवाती तूफान के कारण विभिन्न क्षेत्रों में फसलों को हुए नुकसान का तत्काल सर्वेक्षण और आकलन करना जरूरी है। इसके आधार पर पात्र किसानों को नियमानुसार राहत उपलब्ध कराने की कार्रवाई की जानी है। पटवारियों की अनुपस्थिति से इन जरूरी कार्यों में भी बाधा आ रही है, जिससे किसानों और आम नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
अनुपस्थिति अवधि को माना जाएगा ब्रेक इन सर्विस
संभागायुक्त ने स्पष्ट किया है कि निर्देशों के बावजूद काम पर नहीं लौटने वाले पटवारियों के खिलाफ नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। अनधिकृत अनुपस्थिति की अवधि के वेतन और अन्य सेवा लाभों के संबंध में भी नियमों के अनुसार निर्णय लिया जाएगा।
इसके साथ ही अनुपस्थिति की अवधि को सेवा में व्यवधान यानी ‘ब्रेक इन सर्विस’ माना जाएगा। प्रशासन ने सभी हड़ताली पटवारियों को तत्काल कार्यभार ग्रहण कर शासकीय कार्यों का संपादन शुरू करने के निर्देश दिए हैं।



