पेपर लीक पर सरकार का बड़ा वार, 10 साल जेल-₹10 करोड़ जुर्माना

नई दिल्ली। देशभर में पेपर लीक की घटनाओं और छात्रों के लगातार विरोध-प्रदर्शनों के बीच केंद्र सरकार ने परीक्षा माफियाओं के खिलाफ बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 को मंजूरी दे दी है। यह विधेयक 27 जुलाई (सोमवार) को लोकसभा में पेश किया जा सकता है।
प्रस्तावित संशोधन का उद्देश्य राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में पारदर्शिता बढ़ाना, पेपर लीक गिरोहों पर कड़ी कार्रवाई करना और लाखों अभ्यर्थियों के भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
10 साल तक की जेल और ₹10 करोड़ तक जुर्माना
संशोधन विधेयक के तहत संगठित परीक्षा घोटालों और पेपर लीक में शामिल दोषियों के खिलाफ सजा और आर्थिक दंड दोनों को काफी सख्त किया गया है।
- अधिकतम 10 साल तक की कैद का प्रावधान।
- ₹10 करोड़ तक जुर्माना लगाया जा सकेगा।
- न्यूनतम सजा 3 साल से बढ़ाकर 5 साल करने का प्रस्ताव।
3 महीने में फैसला सुनाएंगी फास्ट ट्रैक कोर्ट
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देशों के अनुरूप पेपर लीक मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट को कानूनी मान्यता देने का प्रस्ताव है।
इन अदालतों को शिकायत दर्ज होने के तीन महीने के भीतर सुनवाई पूरी कर अंतिम फैसला देना होगा, ताकि मामलों का जल्द निपटारा हो सके।
किन परीक्षाओं पर लागू होगा कानून?
यह कानून केंद्र सरकार द्वारा आयोजित प्रमुख परीक्षाओं पर लागू रहेगा, जिनमें शामिल हैं—
- UPSC
- SSC
- NEET
- JEE
- रेलवे भर्ती परीक्षाएं
- बैंकिंग भर्ती परीक्षाएं
- राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की सभी कंप्यूटर आधारित परीक्षाएं
गैर-जमानती होंगे सभी अपराध
संशोधन के अनुसार, इस अधिनियम के तहत आने वाले सभी अपराध संज्ञेय (Cognizable) और गैर-जमानती (Non-Bailable) होंगे। यानी पुलिस बिना वारंट गिरफ्तारी कर सकेगी और आरोपियों को आसानी से जमानत नहीं मिलेगी।
कोचिंग संस्थानों और सर्विस प्रोवाइडर्स पर भी सख्ती
यदि कोई कोचिंग संस्थान, परीक्षा एजेंसी या सर्विस प्रोवाइडर पेपर लीक या संगठित परीक्षा अपराध में शामिल पाया जाता है, तो—
- उसकी संपत्ति जब्त (कुर्क) की जा सकेगी।
- परीक्षा आयोजित कराने में हुए पूरे खर्च की वसूली भी की जाएगी।
छात्रों का भविष्य सुरक्षित करने पर सरकार का फोकस
सरकार का कहना है कि यह संशोधन लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 को और अधिक प्रभावी बनाएगा। इसका उद्देश्य पेपर लीक माफियाओं पर सख्त कार्रवाई कर भर्ती और प्रवेश परीक्षाओं की निष्पक्षता बनाए रखना तथा देश के लाखों युवाओं के भविष्य की रक्षा करना है।



