44 लाख की शिकायत से खुला 1.10 करोड़ की ठगी का खेल

रायपुर। उत्तर प्रदेश के वाराणसी में पुलिस और आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (EOW) की संयुक्त कार्रवाई में करोड़ों रुपये की वित्तीय ठगी का बड़ा खुलासा हुआ है। एक पीड़ित की 44 लाख रुपये की शिकायत से शुरू हुई जांच ने 1.10 करोड़ रुपये की ठगी के संगठित नेटवर्क का पर्दाफाश कर दिया। मामले में 11 साल से फरार चल रहे 25 हजार रुपये के इनामी आरोपी आकाश कुमार को नई दिल्ली से गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी लोगों को कंपनी में डायरेक्टर बनाने और कम समय में अधिक मुनाफा दिलाने का झांसा देकर निवेश कराता था। जांच में सामने आया कि उसने कई लोगों से इस तरह 1.10 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की। शुरुआती शिकायत 44 लाख रुपये की थी, लेकिन जांच आगे बढ़ने पर बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ।
11 साल तक बदलता रहा ठिकाने
जांच एजेंसियों के मुताबिक आकाश कुमार गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने और पहचान बदलता रहा। वह लंबे समय तक धनबाद और दिल्ली में छिपा रहा, जबकि पिछले पांच वर्षों से गोवा में फर्जी नाम और पहचान के साथ रह रहा था। तकनीकी सर्विलांस और मुखबिरों से मिली सूचना के आधार पर ईओडब्ल्यू की टीम ने उसे दिल्ली के एक गुप्त ठिकाने से गिरफ्तार किया।
कई फर्जी दस्तावेज बरामद
गिरफ्तारी के बाद आरोपी के पास से कई फर्जी दस्तावेज और बैंक खातों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां बरामद हुई हैं। पुलिस अब इन दस्तावेजों की जांच कर रही है और यह पता लगाने में जुटी है कि ठगी के इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
रिमांड पर लेकर होगी पूछताछ
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) ने बताया कि आरोपी को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड पर लेने की तैयारी की जा रही है। पूछताछ के दौरान ठगी की रकम, उसके निवेश और गिरोह के अन्य सदस्यों के बारे में अहम खुलासे होने की संभावना है। पुलिस का कहना है कि मामले में आगे भी कई गिरफ्तारियां हो सकती हैं।



