NTA में बड़ा फेरबदल, 47 अधिकारी नौकरी से बाहर

नई दिल्ली। NEET पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में गड़बड़ियों को लेकर देशभर में छात्रों के विरोध के बीच केंद्र सरकार ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) में बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। NTA ने 47 अधिकारियों और कर्मचारियों को सेवा से हटा दिया है। जानकारी के अनुसार, इनमें से कुछ अधिकारियों के खिलाफ कानूनी और आपराधिक कार्रवाई की भी तैयारी की जा रही है।
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, यह कार्रवाई परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है। आने वाले दिनों में NTA में और भी प्रशासनिक बदलाव किए जा सकते हैं। हालांकि, सरकार ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद पर बने रहेंगे।
परीक्षा व्यवस्था में होगा व्यापक सुधार
NEET पेपर लीक विवाद के बाद से NTA लगातार सवालों के घेरे में रही है। इसी के मद्देनजर सरकार एजेंसी के प्रशासनिक ढांचे, परीक्षा संचालन, तकनीकी सुरक्षा और गोपनीयता व्यवस्था में व्यापक सुधार की तैयारी कर रही है। उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाना है।
पेपर लीक पर सख्त कानून की तैयारी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार देर रात जारी अपने वीडियो संदेश में कहा कि सरकार पेपर लीक पर रोक लगाने के लिए कड़ा कानून ला रही है। शुक्रवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने संबंधित विधेयक को मंजूरी दे दी, जिसे सोमवार को संसद में पेश किए जाने की संभावना है।
प्रस्तावित कानून के तहत:
- पेपर लीक के दोषियों को 10 साल तक की सजा हो सकेगी।
- 10 करोड़ रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकेगा।
- मामलों की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में होगी और तीन महीने के भीतर फैसला सुनाने का प्रावधान रहेगा।
2018 से अब तक 270 परीक्षाएं करा चुकी है NTA
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की स्थापना वर्ष 2017 में हुई थी और 2018 से अब तक एजेंसी 270 राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाएं आयोजित कर चुकी है। इन परीक्षाओं में करीब 6.60 करोड़ अभ्यर्थी शामिल हुए हैं। वर्ष 2026 में अब तक NTA ने 12 परीक्षाएं आयोजित की हैं, जिनमें लगभग 65 लाख छात्र शामिल हुए।
NTA के संगठनात्मक ढांचे की बात करें तो एजेंसी में 39 स्थायी पद स्वीकृत हैं, जिनमें फिलहाल 24 पदों पर कर्मचारी कार्यरत हैं, जबकि 15 पद रिक्त हैं। इसके अलावा 73 संविदा कर्मी और 124 आउटसोर्स कर्मचारी एजेंसी में कार्यरत हैं।



