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ईरान के जलक्षेत्र में LPG टैंकर पर हमला, 28 भारतीय बाल-बाल बचे

नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच शुक्रवार को ईरान के क्षेत्रीय जलक्षेत्र में होर्मुज जलडमरूमध्य के पास मोजाम्बिक के झंडे वाले एलपीजी (LPG) टैंकर ‘दिशा’ (IMO No. 8818219) पर मिसाइल हमला हुआ। जहाज पर सवार 28 भारतीय चालक दल (क्रू) सदस्य पूरी तरह सुरक्षित हैं। तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि वह संबंधित ईरानी अधिकारियों और अन्य एजेंसियों के साथ लगातार संपर्क में है।

दूतावास के अनुसार, घटना की जानकारी मिलते ही ईरानी अधिकारियों से संपर्क कर सभी भारतीय नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित की गई। भारतीय दूतावास ने कहा कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

हमले से पहले भेजा गया था संकट संदेश

समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, हमले से पहले टैंकर ने सार्वजनिक वीएचएफ (VHF) समुद्री रेडियो चैनल पर डिस्ट्रेस कॉल (संकट संदेश) प्रसारित किया था। ऑडियो रिकॉर्डिंग में कथित तौर पर एक व्यक्ति, जिसे अमेरिकी सैन्य ऑपरेटर बताया गया, व्यापारी जहाज को चेतावनी देता सुनाई देता है कि वह ईरानी जलक्षेत्र की ओर बढ़ रहा है और नियमों का उल्लंघन कर रहा है।

रिकॉर्डिंग में कथित तौर पर कहा गया, “आपको कई बार चेतावनी दी जा चुकी है। मैं आपके इंजन रूम पर फायरिंग की तैयारी कर रहा हूं। इंजन रूम खाली करने के लिए आपके पास 15 मिनट का समय है।”

हमले के बाद मांगी गई तत्काल मदद

एक अन्य ऑडियो संदेश में टैंकर ‘दिशा’ की ओर से कहा गया कि जहाज पर अज्ञात मिसाइलों से हमला हुआ है और तत्काल सहायता की आवश्यकता है। संदेश में चालक दल ने बताया कि जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य के पूर्वी प्रवेश द्वार के पास मौजूद है और बचाव सहायता भेजने की अपील की।

पहले ही जारी हो चुकी थी एडवाइजरी

गौरतलब है कि पिछले सप्ताह समुद्री प्रशासन महानिदेशालय (DG Shipping/DGMA) ने जहाज मालिकों, प्रबंधन कंपनियों और भर्ती एजेंसियों को सलाह दी थी कि अगली सूचना तक भारतीय नाविकों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर तैनात करने से बचें। यह फैसला खाड़ी क्षेत्र में बिगड़ती सुरक्षा स्थिति और व्यापारिक जहाजों पर बढ़ते हमलों को देखते हुए एहतियात के तौर पर लिया गया था।

समुद्री नियामक ने कहा था कि भारतीय नाविकों की सुरक्षा और कल्याण सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसलिए संघर्ष प्रभावित क्षेत्र में अतिरिक्त सावधानी बरती जा रही है।

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