छत्तीसगढ़

Raipur Jhanki News: कल से गणेश विसर्जन शुरू, 43 अस्थायी कुंड तैयार; 27 सितंबर को निकलेगी भव्य झांकी

रायपुर। राजधानी रायपुर में गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन का सिलसिला शुक्रवार 25 सितंबर 2026 से शुरू होगा। नगर निगम ने विसर्जन के लिए शहर के 10 जोन में व्यवस्था की है। बड़ी प्रतिमाओं के लिए महादेवघाट स्थित विसर्जन कुंड निर्धारित किया गया है, जबकि छोटी प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए शहर में 43 अस्थायी कुंड बनाए गए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि खारून नदी, तेलीबांधा तालाब, बूढ़ातालाब समेत अन्य तालाबों में प्रतिमा विसर्जित करने पर प्रतिबंध रहेगा और नियम तोड़ने वालों पर चालानी कार्रवाई की जाएगी।

विसर्जन और 27 सितंबर को निकलने वाली गणेश झांकियों को लेकर पुलिस-प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था का विस्तृत प्लान तैयार किया है। बुधवार को C-4 भवन में गणेश उत्सव समितियों के आयोजकों के साथ बैठक हुई। इसमें पुलिस, जिला प्रशासन, नगर निगम, PWD, स्वास्थ्य विभाग और SDRF के अधिकारियों ने सुरक्षा, यातायात और कानून-व्यवस्था से जुड़े दिशा-निर्देश दिए।

1 हजार से ज्यादा जवान रहेंगे तैनात

गणेश विसर्जन के दौरान शहर में 1 हजार से ज्यादा पुलिस जवानों की तैनाती की जाएगी। संवेदनशील स्थानों पर विशेष पुलिस टीमों की निगरानी रहेगी। भीड़ के दौरान महिलाओं और युवतियों से छेड़छाड़ जैसी घटनाओं पर नजर रखने के लिए महिला पुलिसकर्मियों को सिविल ड्रेस में भी तैनात किया जाएगा।

पुलिस ने गणेश उत्सव समितियों से निर्धारित विसर्जन स्थलों का ही उपयोग करने की अपील की है। प्रतिबंधित तालाबों में प्रतिमा विसर्जित करने पर कार्रवाई के साथ चालान भी किया जाएगा।

महादेवघाट में 25 सितंबर से 1 अक्टूबर तक व्यवस्था

नगर निगम ने महादेवघाट स्थित विसर्जन कुंड की व्यवस्था के लिए समिति गठित की है। यहां 25 सितंबर सुबह 6 बजे से 1 अक्टूबर सुबह 6 बजे तक अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। महादेवघाट पर गोताखोर, मोटर बोट, एंबुलेंस, मेडिकल टीम और फायर ब्रिगेड की व्यवस्था रहेगी।

महापौर मीनल चौबे और आयुक्त संबित मिश्रा के निर्देश पर जोन-8 की टीम विसर्जन कुंड की व्यवस्था और निगरानी संभाल रही है। निगम के अनुसार, महादेवघाट के विसर्जन कुंड में अब तक 150 से ज्यादा गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन किया जा चुका है।

छोटी प्रतिमाओं के लिए 43 अस्थायी कुंड

छोटी गणेश प्रतिमाओं के सुरक्षित विसर्जन के लिए शहर में 43 अस्थायी कुंड बनाए गए हैं। इन स्थानों पर निगम कर्मचारियों के साथ गोताखोरों की ड्यूटी भी लगाई गई है। प्रशासन का उद्देश्य तालाबों और नदी में प्रतिमा विसर्जन को रोककर निर्धारित कुंडों के माध्यम से सुरक्षित और व्यवस्थित विसर्जन कराना है।

विसर्जन के बाद इन रास्तों से होगी वाहनों की वापसी

महादेवघाट विसर्जन स्थल से प्रतिमाओं के विसर्जन के बाद वाहनों की वापसी महादेवघाट तिराहा से एनीकट मार्ग, भाठागांव चौक और रिंग रोड-1 से होगी। विसर्जन के दौरान शहर में भारी वाहनों की एंट्री पर रोक रहेगी।

सभी प्रकार के मालवाहक वाहनों को रायपुरा चौक पर रोका जाएगा। वहीं अम्लेश्वर से रायपुर आने वाले वाहन अम्लेश्वर-कुम्हारी-टाटीबंध अथवा खुड़मुड़ा-भाठागांव मार्ग से शहर में प्रवेश कर सकेंगे।

27 सितंबर को निकलेगी गणेश झांकी

गणेश प्रतिमा विसर्जन के बाद 27 सितंबर 2026 को रायपुर में भव्य गणेश झांकियां निकाली जाएंगी। झांकियां शारदा चौक से शुरू होंगी, जहां समितियों को नंबर दिए जाएंगे। इसके बाद जयस्तंभ चौक, कोतवाली, सदर बाजार, सत्ती बाजार, कंकाली तालाब, पुरानी बस्ती थाना चौक, लीली चौक, लाखेनगर चौक और सुंदरनगर होते हुए झांकियां महादेवघाट विसर्जन कुंड पहुंचेंगी।

लाखेनगर चौक से महादेवघाट रिंग रोड तक ट्रैफिक वन-वे रहेगा।

झांकियों में नशा और हथियार प्रतिबंधित

पुलिस-प्रशासन ने झांकी समितियों को निर्धारित मार्ग, समय और झांकियों का क्रम बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। झांकी को अनावश्यक रूप से रोकने पर रोक रहेगी। समितियों को पर्याप्त संख्या में प्रशिक्षित वॉलंटियर्स रखने और उन्हें पहचान पत्र देने के लिए कहा गया है।

झांकी में नशे का सेवन करने, हथियार या धारदार वस्तु रखने पर रोक रहेगी। डीजे और साउंड सिस्टम का उपयोग निर्धारित नियमों के अनुसार ही करना होगा।

ड्रोन से होगी निगरानी

DCP अर्चना झा के अनुसार, प्रमुख चौक-चौराहों और झांकी मार्ग पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए ड्रोन के जरिए भी निगरानी की जाएगी। संवेदनशील स्थानों पर पुलिस की विशेष टीमें तैनात रहेंगी।

सदर बाजार के जर्जर भवनों पर भी नजर

बैठक में सदर बाजार क्षेत्र के जर्जर भवनों को लेकर भी सुरक्षा पर चर्चा हुई। पुलिस, नगर निगम और SDRF अधिकारियों ने झांकी के दौरान इन भवनों से संभावित खतरे की जानकारी दी और सुरक्षा के मद्देनजर रूट बदलने का प्रस्ताव रखा।

हालांकि, गणेश उत्सव समितियों के आयोजकों ने रूट बदलने पर असहमति जताई। वहीं उन्होंने साउंड सिस्टम निर्धारित मानकों के अनुसार रखने और बेस व वाइब्रेशन मोड बंद रखने पर सहमति जताई। आयोजकों ने पुलिस-प्रशासन के सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की बात कही है।

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