साल में सिर्फ एक दिन खुलता है मां लिंगेश्वरी का दरबार, दर्शन के लिए उमड़ा जनसैलाब

रायपुर। छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले में स्थित प्रसिद्ध मां लिंगेश्वरी मंदिर का दरबार बुधवार को श्रद्धालुओं के लिए खोला गया। आलोर-झाटीबन की पहाड़ी गुफा में विराजमान मां लिंगेश्वरी का यह मंदिर साल में सिर्फ एक दिन श्रद्धालुओं के लिए खुलता है। यही वजह है कि दर्शन के लिए सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं।
मां के दर्शन के लिए छत्तीसगढ़ के अलग-अलग जिलों के अलावा दूसरे राज्यों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। कई श्रद्धालु तो दर्शन के लिए दो दिन पहले ही मंदिर पहुंच गए थे और अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए। मंदिर में संतान प्राप्ति की कामना लेकर बड़ी संख्या में दंपतियों के पहुंचने की भी जानकारी सामने आई।
10 घंटे से अधिक चला भंडारा
श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए मंदिर समिति की ओर से 10 घंटे से अधिक समय तक भंडारे की व्यवस्था की गई। यहां श्रद्धालुओं के लिए खिचड़ी, हलवा और खीर समेत विभिन्न प्रसाद की व्यवस्था की गई। इसके साथ ही पानी और भोजन की सेवा भी लगातार जारी रही।
बस्तर राजपरिवार के कमलचंद भंजदेव ने भी की पूजा
मां लिंगेश्वरी के दर्शन के लिए बस्तर राजपरिवार के कमलचंद भंजदेव समेत कई जनप्रतिनिधि भी मंदिर पहुंचे। उन्होंने मां के दरबार में पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया।
शेर के पदचिह्न को माना जाता है शुभ
स्थानीय मान्यता के अनुसार गुफा के भीतर दिखाई देने वाले शेर के पदचिह्न को बेहद शुभ माना जाता है। श्रद्धालुओं का मानना है कि मां लिंगेश्वरी के दरबार में सच्चे मन से की गई प्रार्थना और मनोकामना पूरी होती है। मंदिर समिति के अनुसार इस वर्ष भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपनी मनोकामनाओं के साथ मां के दर्शन के लिए पहुंचे।



