छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर CM साय सख्त, अस्पतालों में दवा-जांच की सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में प्रदेश के अस्पतालों में बेहतर उपचार, पर्याप्त दवाइयां और जांच सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और आम नागरिकों तक उनकी सहज पहुंच राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री ने जिला अस्पतालों से लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तक डॉक्टरों, दवाइयों और चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य अधोसंरचना के विस्तार की दीर्घकालिक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश भी दिए।
6 नए मेडिकल कॉलेज स्वीकृत
बैठक में बताया गया कि प्रदेश में 6 नए मेडिकल कॉलेज स्वीकृत किए गए हैं। इसके अलावा 1,045 स्वास्थ्य संस्थानों में अटल आरोग्य लैब संचालित हैं। प्रदेश में 33 स्थानों पर डायलिसिस सुविधा उपलब्ध है, जबकि 25 नए डायलिसिस केंद्र शुरू किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने मेडिकल कॉलेजों में फैकल्टी, विशेषज्ञ डॉक्टरों, उपकरणों और उपचार सुविधाओं की उपलब्धता की समीक्षा करते हुए निर्माण कार्यों में आने वाली बाधाओं का समयबद्ध निराकरण करने को कहा।
मातृ-शिशु स्वास्थ्य और दूरस्थ क्षेत्रों पर जोर
मुख्यमंत्री साय ने सुरक्षित संस्थागत प्रसव, गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच और बच्चों के पूर्ण टीकाकरण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दुर्गम और वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी समय पर उपचार मिलना चाहिए।
जिन स्थानों पर भौगोलिक परिस्थितियों के कारण एम्बुलेंस नहीं पहुंच सकती, वहां स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार वैकल्पिक परिवहन व्यवस्था विकसित करने को कहा गया। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में 108 संजीवनी एक्सप्रेस की 375 और 102 महतारी एक्सप्रेस की 380 गाड़ियां उपलब्ध हैं।
त्योहारों में खाद्य पदार्थों की जांच के निर्देश
आगामी त्योहारी सीजन को देखते हुए मुख्यमंत्री ने मिठाई, दुग्ध उत्पादों और अन्य खाद्य पदार्थों की सघन जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि मिलावटी या अमानक खाद्य पदार्थों के मामलों में नियमानुसार कार्रवाई की जाए और नागरिकों के स्वास्थ्य से किसी भी प्रकार का समझौता न हो।
बैठक में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, मुख्य सचिव विकास शील और स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।



