स्वतंत्रता दिवस से पहले छत्तीसगढ़ की जेलों से 101 आजीवन कैदी रिहा

रायपुर। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ की जेलों से 101 आजीवन कारावास की सजा काट रहे कैदियों की समयपूर्व रिहाई की गई है। जेल समीक्षा बोर्ड की सिफारिश और राज्यपाल की मंजूरी के बाद इन कैदियों को रिहाई का लाभ दिया गया। जेल महानिदेशक के अनुसार, 13 और 14 अगस्त को 94 कैदी जेलों से बाहर आ चुके हैं, जबकि शेष 7 कैदियों की रिहाई की प्रक्रिया जल्द पूरी की जाएगी।
इन कैदियों ने जेल मैनुअल के नियम 358 के तहत कम से कम 14 से 15 वर्ष की वास्तविक सजा पूरी कर ली थी। जेल में उनके अच्छे आचरण, अनुशासन और व्यवहार के साथ संबंधित जिलों के कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक की सकारात्मक रिपोर्ट को भी रिहाई के लिए आधार बनाया गया।

किस जेल से कितने कैदी रिहा होंगे
समयपूर्व रिहाई के लिए केंद्रीय जेल बिलासपुर के 48, रायपुर के 21, दुर्ग के 16, अंबिकापुर के 8 और जगदलपुर के 9 कैदियों को स्वीकृति दी गई है। इनमें से अधिकांश कैदी 13 और 14 अगस्त को जेल से बाहर आ चुके हैं।
केंद्रीय जेल रायपुर से 13 अगस्त को 9 कैदियों को रिहा किया गया। इनमें एक महिला कैदी भी शामिल थी। रिहाई के दौरान कुछ कैदियों को श्रीमद्भगवद्गीता भी भेंट की गई।
अच्छे आचरण को मिला लाभ
जेल प्रशासन के मुताबिक, समयपूर्व रिहाई का उद्देश्य केवल सजा में राहत देना नहीं, बल्कि लंबे समय तक जेल में रहने के बाद अच्छे आचरण में सुधार दिखाने वाले कैदियों को समाज की मुख्यधारा में लौटने का अवसर देना भी है। पात्र कैदियों के जेल रिकॉर्ड, अनुशासन और व्यवहार का मूल्यांकन करने के बाद उनके मामलों को समीक्षा बोर्ड के समक्ष रखा गया।
समाज की मुख्यधारा में लौटाने की तैयारी
रिहा होने वाले कैदियों के पुनर्वास पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। जिला प्रशासन और समाज कल्याण विभाग इनके पुनर्वास तथा आवश्यक मॉनिटरिंग की व्यवस्था करेंगे, ताकि वे सामान्य जीवन में वापस लौट सकें और दोबारा अपराध की ओर न जाएं।
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर हुई यह रिहाई लंबे समय से कारावास की सजा काट रहे ऐसे बंदियों के लिए नई शुरुआत का अवसर मानी जा रही है, जिन्होंने जेल में अपने आचरण और व्यवहार में सुधार प्रदर्शित किया है।



