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ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक पहल, निवेश और रोजगार को मिलेगी नई रफ्तार

रायपुर। छत्तीसगढ़ ने उद्योग और कारोबार के क्षेत्र में बड़ा सुधार करते हुए ‘छत्तीसगढ़ ईज ऑफ डूइंग बिजनेस विधेयक, 2026’ पारित कर दिया है। जुलाई 2026 में विधानसभा से पारित इस विधेयक के साथ राज्य ने उद्योगों और व्यावसायिक इकाइयों के लिए जोखिम-आधारित (Risk-Based) और विश्वास-आधारित (Trust-Based) बिजनेस परमिशन सिस्टम लागू करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है।

नई व्यवस्था का उद्देश्य कारोबार शुरू करने और संचालित करने की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाना है। इसके तहत कम जोखिम वाले कारोबारों के लिए अनावश्यक अनुमतियों और बार-बार होने वाले निरीक्षणों का बोझ कम किया जाएगा, जबकि अधिक जोखिम वाले उद्योगों पर आवश्यक नियामकीय निगरानी बनी रहेगी।

43 सेवाएं नई व्यवस्था के दायरे में

ईज ऑफ डूइंग बिजनेस व्यवस्था के तहत आठ विभागों की 43 सेवाओं को शामिल किया गया है। इससे कारोबारियों को अलग-अलग विभागों में अनुमति और मंजूरी के लिए लंबी प्रक्रिया से गुजरने की जरूरत कम होगी।

नई व्यवस्था में सेल्फ-सर्टिफिकेशन को बढ़ावा दिया गया है। पात्र कारोबारी निर्धारित मानकों का पालन करने के संबंध में स्वयं प्रमाणन कर सकेंगे। इसके साथ ही निर्धारित समय सीमा के भीतर विभागीय कार्रवाई नहीं होने पर डीम्ड अप्रूवल/ऑटो-अप्रूवल जैसी व्यवस्था कारोबारियों को राहत देगी।

एमएसएमई को मिलेगा सबसे बड़ा फायदा

छत्तीसगढ़ में बड़ी संख्या में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) संचालित होते हैं। नई व्यवस्था से छोटे और मध्यम कारोबारियों को विशेष राहत मिलने की उम्मीद है। बार-बार दस्तावेज जमा करने, विभिन्न कार्यालयों के चक्कर लगाने और अनावश्यक अनुपालन में लगने वाला समय कम होगा।

सरकार का फोकस ऐसी व्यवस्था तैयार करने पर है जिसमें कारोबारी का समय कागजी प्रक्रियाओं में नहीं बल्कि व्यवसाय के विस्तार और रोजगार सृजन में लगे।

समय और लागत दोनों में कमी की उम्मीद

नई प्रणाली से अनुमति और अनुपालन की प्रक्रिया आसान होने पर उद्योग स्थापित करने में लगने वाला समय घट सकता है। साथ ही विभिन्न प्रक्रियाओं से जुड़ी लागत में भी कमी आने की उम्मीद है।

सरकार के अनुसार, कम जोखिम वाले व्यवसायों में भरोसे पर आधारित व्यवस्था और जोखिम वाले क्षेत्रों में लक्षित निगरानी से नियमन तथा कारोबारी सुविधा के बीच बेहतर संतुलन बनाया जा सकेगा।

निवेश और रोजगार को मिलेगी नई गति

ईज ऑफ डूइंग बिजनेस सुधारों का व्यापक असर राज्य के निवेश माहौल पर पड़ने की उम्मीद है। सरल अनुमति व्यवस्था से नए निवेशकों के लिए छत्तीसगढ़ में उद्योग स्थापित करना अधिक सुविधाजनक हो सकता है।

निवेश बढ़ने के साथ औद्योगिक गतिविधियों, स्थानीय कारोबार और रोजगार के नए अवसरों को भी गति मिलने की संभावना है।

क्या बदलेगा?

  • जोखिम के आधार पर उद्योगों का वर्गीकरण
  • कम जोखिम वाले कारोबारों के लिए आसान अनुमति प्रक्रिया
  • सेल्फ-सर्टिफिकेशन की सुविधा
  • समयबद्ध डीम्ड/ऑटो-अप्रूवल
  • आठ विभागों की 43 सेवाएं नई व्यवस्था में शामिल
  • अनावश्यक अनुपालन और प्रक्रियाओं में कमी
  • एमएसएमई के लिए कारोबार करना आसान
  • निवेश और रोजगार को बढ़ावा देने पर जोर

छत्तीसगढ़ का यह कदम राज्य में ‘कम नियमन, बेहतर अनुपालन और अधिक विश्वास’ की दिशा में महत्वपूर्ण प्रशासनिक सुधार माना जा रहा है। आने वाले समय में इस व्यवस्था का वास्तविक प्रभाव इसके प्रभावी क्रियान्वयन और विभागों द्वारा समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराने पर निर्भर करेगा।

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