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CM विष्णुदेव साय की पहल रंग लाई, महुआ के अचार ने बदली ग्रामीण महिलाओं की तकदीर

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार की राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान योजना) ग्रामीण महिलाओं के लिए आर्थिक सशक्तिकरण का मजबूत माध्यम बन रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में संचालित इस योजना के तहत मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के सुदूर वनांचल ग्राम रामगढ़ की माँ रामेश्वरी स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने महुआ के अचार और शहद निर्माण के जरिए आत्मनिर्भरता की नई मिसाल कायम की है।

ग्राम रामगढ़ की 10 ग्रामीण एवं आदिवासी महिलाओं से बने इस समूह ने स्थानीय संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए बीते एक वर्ष में महुआ का अचार और शहद बेचकर लगभग 1 लाख रुपये की अतिरिक्त आय अर्जित की है। इस सफलता के पीछे जिला प्रशासन और बिहान योजना द्वारा उपलब्ध कराई गई आर्थिक सहायता, वैज्ञानिक प्रशिक्षण और तकनीकी मार्गदर्शन की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

पहले जिस महुआ का उपयोग मुख्य रूप से शराब बनाने के लिए किया जाता था, अब उसी महुआ से स्वादिष्ट अचार और अन्य मूल्यवर्धित उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। इससे न केवल महिलाओं की आमदनी बढ़ी है, बल्कि महुआ को नई पहचान भी मिली है।

समूह की सदस्य सुशीला कुरेटी बताती हैं कि पहले छोटी-छोटी जरूरतों के लिए भी दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन अब वे अपनी कमाई से बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य और परिवार की आवश्यकताओं का खर्च स्वयं उठा रही हैं। इससे उनके आत्मविश्वास और सामाजिक सम्मान में भी वृद्धि हुई है।

बिहान योजना के माध्यम से छत्तीसगढ़ सरकार ग्रामीण महिलाओं को स्थानीय संसाधनों पर आधारित स्वरोजगार से जोड़ रही है। यह पहल न केवल महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बना रही है, बल्कि गांवों में रोजगार के नए अवसर भी सृजित कर रही है। महुआ के अचार और शहद उत्पादन की यह सफलता अन्य स्व-सहायता समूहों के लिए भी प्रेरणा बन रही है।

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