CGPSC गड़बड़ी मामले में ED की बड़ी कार्रवाई, टामन सोनवानी समेत 3 के खिलाफ चार्जशीट दाखिल

रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित CGPSC गड़बड़ी मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए विशेष PMLA कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की है। ED ने पूर्व CGPSC अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी, उत्कर्ष चंद्राकर और चेतन बोरघारिया के खिलाफ चालान पेश किया है।
एजेंसी ने अदालत में 99 पन्नों की समरी के साथ करीब 3,700 पन्नों के सपोर्टिंग दस्तावेज भी प्रस्तुत किए हैं। चार्जशीट में आरोपियों की कथित भूमिका, वित्तीय लेन-देन और जांच के दौरान सामने आए अन्य साक्ष्यों का उल्लेख किए जाने की जानकारी सामने आई है।
PMLA कोर्ट में पेश किया चालान
CGPSC गड़बड़ी मामले की जांच के दौरान सामने आए तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर ED ने यह चार्जशीट दाखिल की है। इसमें मामले से जुड़े कथित वित्तीय लेन-देन और अन्य साक्ष्यों से संबंधित दस्तावेज शामिल हैं।
चार्जशीट में टामन सिंह सोनवानी सहित नामजद आरोपियों की कथित भूमिका का भी उल्लेख किया गया है। अब मामले में अदालत के स्तर पर आगे की न्यायिक प्रक्रिया चलेगी।
क्या है CGPSC गड़बड़ी मामला?
यह मामला छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) की वर्ष 2020 से 2022 के बीच आयोजित भर्ती परीक्षाओं और चयन प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं से जुड़ा है।
आरोप लगाए गए थे कि परीक्षा और इंटरव्यू की प्रक्रिया में योग्य अभ्यर्थियों की अनदेखी कर प्रभावशाली राजनेताओं और वरिष्ठ अधिकारियों से जुड़े लोगों को डिप्टी कलेक्टर, DSP सहित अन्य महत्वपूर्ण पदों पर चयनित किया गया।
मामला सामने आने के बाद प्रदेश में सरकारी भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता और चयन प्रणाली को लेकर सवाल उठे।
CBI को सौंपी गई थी जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार के अनुरोध पर इसकी जांच CBI को सौंपी गई थी। जांच के दौरान CBI ने कई स्थानों पर कार्रवाई और छापेमारी करते हुए मामले से जुड़े दस्तावेज जुटाए।
जांच के दौरान पूर्व CGPSC अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी, तत्कालीन उप परीक्षा नियंत्रक ललित गणवीर सहित कई लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी।
इसके बाद मामले में कथित मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े पहलुओं की जांच ED ने शुरू की। अब ED ने विशेष PMLA अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी है।
अब अदालत में आगे बढ़ेगा मामला
ED की चार्जशीट दाखिल होने के बाद अब अदालत में मामले की आगे की न्यायिक प्रक्रिया चलेगी। चार्जशीट के साथ पेश किए गए दस्तावेजों और आरोपियों की कथित भूमिका पर अदालत में आगे सुनवाई होगी।



