छत्तीसगढ़ में ED की बड़ी रेड, 7 ठिकानों पर छापेमारी

रायपुर, 21 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ में कथित शराब घोटाले, कोल लेवी और कस्टम मिलिंग से जुड़े मामलों की जांच के बीच प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। 20 अगस्त को ED की टीमों ने रायपुर, धमतरी और दुर्ग-भिलाई क्षेत्र में कांग्रेस नेता और पूर्व प्रदेश कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल तथा उनसे जुड़े लोगों के कई ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कार्रवाई के दौरान ED की टीमों ने आवास और कार्यालयों में दस्तावेज, वित्तीय रिकॉर्ड, बैंक लेनदेन, संपत्ति से जुड़े कागजात और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच की। धमतरी में कार्रवाई के बाद कुछ दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जब्त किए जाने की भी जानकारी सामने आई है।
सुबह-सुबह कई ठिकानों पर पहुंची ED की टीम
ED की टीमें सुबह अलग-अलग स्थानों पर पहुंचीं और संबंधित परिसरों को जांच के दायरे में लिया। रायपुर में रविनगर और अनुपम नगर सहित कुछ स्थानों पर तलाशी की गई, जबकि धमतरी में रामगोपाल अग्रवाल और उनके रिश्तेदारों से जुड़े परिसरों की जांच की गई। दुर्ग क्षेत्र में रियल एस्टेट कारोबार से जुड़े कुछ लोगों के ठिकानों पर भी कार्रवाई की गई।
जांच के दौरान एजेंसी ने वित्तीय लेनदेन, निवेश, संपत्ति और कथित मनी ट्रेल से जुड़े रिकॉर्ड खंगाले। ED यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि संबंधित मामलों में पैसों के लेनदेन और अलग-अलग लोगों या संपत्तियों के बीच क्या संबंध रहा है।
शराब घोटाले के साथ कोल लेवी और कस्टम मिलिंग की जांच
यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ में कथित शराब घोटाले के साथ कोल लेवी और कस्टम मिलिंग से जुड़े मामलों की जांच से जुड़ी बताई जा रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार, ED इन मामलों में कथित अवैध धन के लेनदेन और मनी ट्रेल की जांच कर रही है।
रामगोपाल अग्रवाल को कथित शराब घोटाले से जुड़े धनशोधन मामले में ED पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। उन्हें PMLA अदालत में पेश किए जाने के बाद ED हिरासत में भेजे जाने की जानकारी भी सामने आई थी।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने किया विरोध
ED की कार्रवाई की जानकारी सामने आने के बाद धमतरी में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, धमतरी विधायक ओंकार साहू समेत कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने रामगोपाल अग्रवाल के आवास के बाहर प्रदर्शन किया और कार्रवाई का विरोध जताया।
दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच जारी
ED की कार्रवाई का मुख्य फोकस वित्तीय रिकॉर्ड, संपत्ति से जुड़े दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों पर रहा। जब्त सामग्री की जांच के बाद कथित लेनदेन और मनी ट्रेल से जुड़े नए तथ्य सामने आने की संभावना है।
फिलहाल जांच एजेंसी की ओर से कार्रवाई के अंतिम निष्कर्ष या बरामदगी का विस्तृत आधिकारिक विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया है। इसलिए कैश, ज्वेलरी या अन्य बरामदगी से जुड़ी सूचनाओं की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है। जांच आगे बढ़ने के साथ मामले में और कार्रवाई हो सकती है।



